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दुनिया की सबसे बड़ी ‘बुक’ “फेसबुक” (व्यग्ंय) : बिम्मी कालिन्दी शर्मा,

 

कालिन्दी शर्मा, वीरगञ्ज व्यग्ंय लेख । अभी के समय में कोई भी और कोई ‘बुक’ पढे या न पढे पर फेसबुक जरुर पढता है । फेसबुक डिक्शनरी और ग्रामर से भी जरूरी बुक है । ईसी लिए तो सभी वर्षों से लगातार ईस को पढ रहे हैं । पर फिर भी भेजे में किसी का कुछ नहीं घुसा सिवाय ‘फेस’ के । ईसी लिए शायद सभी फेसबुक मे अपना फेस या थोबड़ा दिखाने के लिए मरे जा रहे हैं । फेसबुक को पढ्ने या प्रयोग करने के लिए शिक्षित होना जरुरी नहीं है । ईसे अनपढ भी मजे से पढ लेते हैं तो पढे लिखों का तो कहना ही क्या ? २१वीं शताब्दी में जो फेसबुक भी न पढे वह निरक्षर है । आपने फेसबुक में एकाउंट खोल कर दुनिया घूम लिया तो समझ लिजिए कुंभ नहा लिया । यदि आप फेसबुक में नहीं है तो मतलब आप दुनिया में नहीं है और ईंसान भी नहीं हैं । अपने को ईंसान और वह भी जिंदा दिखाने या होने के लिए आपको फेसबुक में होना जरुरी है । ईसी लिए झटपट फेसबुक में अपना अकाउंट खोल कर दुनिया के भेडचाल में सामेल हो जाईए नहीं तो यह दुनिया आपको कोंच कोंच कर मार डालेगी ।
२१वी शताब्दी सूचना क्रांति का युग है । ईसी क्रांति ने बहुत सारे प्रयोग और आविष्कार किए । उन्ही में से एक है शोसल मीडिया । और ईसी शोसल मीडिया का एक धुरंधर बंधू या मदारी है फेसबुक जिसने पिछले १६ वर्षों से सभी को अपनी उंगलिंयों में नचा रहा है और लोग खुशी खुशी नाच भी रहे है । मार्क जुकरवर्ग वह मदारी है जिसने फेसबुक नाम का झुनझुना हम सब को पकडा कर हमे बंदर या भालू बना कर नचा रहा है और खुद पैसे कमा कर धन्ना सेठ बन गया है और हम फेसबुक चला कर बेरोजगार और निर्धन होते जा रहे है । और ईसी फेसबुक ने व्हाट्स-एप के रुप में अपनी बहीन को भी अपने पिछे पिछे लगवा दिया है और हम सब ईन दोनों की लीला को देख देख कर खुश हो कर ताली पीट रहे हैं ।
पहले जब घर मे बच्चे होते थे तो उनका नामकरण संस्कार होता था । जन्म से पहले ही उनके लिए बढिया स्कूल की खोजी होती थी । पर अब जमाना बदल गया है । ईधर बच्चा दुनिया में आया नहीं कि मां होश में रही तो मां नहीं तो बाप खुद खुशी में झुमते हुए अपने बच्चे का फोटो फेसबुक में पोस्ट कर देता है । अभी ईस नए नवेले बच्चे के शरीर से नाल भी नही गीरा पर फेसबुक मे वह शुभकामना और बधाई की पालकी में सवार हो कर झूल रहा है । सब से मजेदार बात तो यह है कि बच्चे का स्कूल में एडमिशन से पहले फेसबुक में उस के खुद के नाम से एकाउंट खोल कर विधिवत प्रवेश ले लेता है । भले ही बच्चे का फेसबुक चलाते मां बाप ही हो । ईस तरह एक नवजात बच्चा शोसल मीडिया में प्रवेश करके अपने शोसल होने का लाईसेंस प्राप्त कर लेता है । भले ही फेसबुक चलाने की उम्र १६ साल हो पर उम्र बढा कर फेसबुक चला कर दुनिया के सब से बडे बुक पढने मे अपना योगदान देते हैं । यह कोई देश का चुनाव या गाडी की लाईसेंस थोडे ही है कि जो सही उम्र में ही मिलता है ।
अब फेसबुक पर लोग क्या क्या कारनामे करतें हैं देखिए । बच्चा आपकी गोदी में ही खेल रहा है पर उसको जन्मदिन की शुभकामना ऐसे देगें जैसे वह सात समुन्दर् पार हो । पति पत्नी एक ही घर और कमरें में जिंदगी गुजार लेते है पर जब जन्मदिन या शादी की वर्षगांठ में शुभकामना देने कि बारी आती है तो फेसबुक पर ही अपना सारा प्यार एक दुसरे के लिए उडेल देते हैं । घर में दोनो रात दिन झगडे करते रहते हो पर फेसबुक में दुनिया कें सामने आदर्श पति पत्नी बन कर सबको भरमाते है । अब तो सेल्फी ने बांकी रहा सहा भी पूरा कर दिया है । खाते पिते पहनते ओढ्ते घुमते और दुसरे की गाडी के सामने पोज दे कर सेल्फी ले कर खुद ही खुश हो जाते हैं । यह सेल्फी की हाईट या सीमा उस दिन पार मानी जाएगी जब कोई बंदा कमोड में पोटी करते हुए अपना सेल्फी खिंच कर फेसफुक में डालेगा । उसके बाद कुछ भीं नहीं बचेगा देखने और दिखाने के लिए ।
अब तो फेसबुक सब के घर का ड्राईगं रुम, लिविगं रुम और किचन भी बन गया है । किचन में क्या बन रहा है, डाईनिगं हाल में कौन क्या खा रहा है और आज घर में कौन सा मेहमान या दोस्त आया था यह लिविगं रुम से पता चल जाएगा । लोग जो हर पल हर क्षण फोटो पोस्ट कर के अपनी हालिया स्थिति जो बता रहे हैं । अब बांकी सिर्फ बेडरुम के अंतरंग फोटो की सेल्फी खिंचना ही बांकी रह गया है । उसके बाद कोई यू ट्यूब में पोर्न या ब्लू फिल्म नहीं देखेगा । क्यों कि सब तो फेसफुक में हाजिर है वह भी ताजा ताजा और प्रत्यक्ष । अब ज्यादा सेल्फी खिचने वाले को फेसबुक की तरफ से “सेल्फिश रत्न” की पुरस्कार देनी चाहिए । ताकि फेसबुक से भी आय आर्जन हो और पुरस्कार पा कर लोग गौरवान्वित हो कि फेसबुक चला कर समय यूंही जाया नहीं हुआ । फेसबुक है तो दुनिया अपनी मूठ्ठी मे हैं । ईसी लिए दुनिया को जिंदगी भर अपनी मूठ्ठी में रखने के लिए आनन फानन फेसबुक में अपना खाता खोल लिजिए । भले ही आपका किसी बैंक मे कोई खाता नही हो, आप बेरोजगार हो, अशिक्षित हो । फेसबुक में खाता खोलने के बाद आपको रोजगार भले ही न मिलें दुनिया का सब से बडा बुक फेसबुक पढ कर आप साक्षर हो जाएगें । तो मुन्ना भाई और मून्नी बहन सब लगे रहो फेसबुक पर ।

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बिम्मी कालिन्दी शर्मा, बिरगंज

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