छठ पर्व आज से विधिवत रुप में प्रारम्भ
कैलास दास,जनकपुर, कार्तिक २० गते । मिथिलाञ्चल का महान् पर्व छठ आज से विधिवत रुप मे प्रारम्भ हुआ है । सत्य, अहिंसा, आरोग्य और समृद्धि के रुप मे मनाया जानेवाला चार दिन का यह छठ पर्व मिथिलाञ्चल सहित नेपाल के विभिन्न क्षेत्र मे धार्मिक विधि पूर्वक मनाया जा रहा है ।
छठ पर्व के प्रथम दिन मंगलवार व्रतालुओं (उपासक) ने नहा खाकर विधि पूर्वक छठ पर्व का प्रारम्भ किया है ।
छठ पर्व का दुसरा दिन अर्थात खरना होता । खरना मे व्रतालुओं ने दिन भर उपवास रहकर रात मे खीर, पुरी सहित का वस्तु गृह देवता और सूर्य देवता को चढाकर अरबा अरबाइन अर्थात् बिना नून के खाते है ।
तीसरा दिन व्रतालुओं ने अपना अपना घर मे नाना प्रकार का पकवान बनाकर केरा, सेउ, उख सहित विभिन्न प्रकार के माटी के वर्तन मे रखकर साम के समय नदी वा पोखरी मे जाकर डुबते सूर्य को अर्घ देते है ।
कही कही पर रातभर नदी, पोखरी तथा डिल मे व्रतालु रात भर जगते है । और सुबह होते ही निकले सूर्य को पूजा पर गया हुआ सभी समाग्री को अर्घ देकर समाप्त करते है । छठ पर्व मनानेवाली व्रतालुओं ने मंगलवार नजदीक के पोखरी, नदी मे नहाए है ।
इसी प्रकार छठ पर्व की तैयारी जनकपुर मे भव्य रुप मे किया गया है । पोखरी के मुख्य द्वारो पर बडे बडे पण्डल से सजाया गया है तो पोखरी के घाटो पर पण्डाल को दुलहन की तरह सजया गया है ।
स्थानीय क्लवो ने छठ पर्व के अवसर पर नगर की सरसफाई भी किया है । जनकपुर अभी छठमय बना हुआ है । छठ के मधुर गीत के साथ घाटो को युवा सजाने मे लगे हुए ।

