इंस्पेक्टर मनोज कु. शर्मा ने लखनऊ में बस में मारा छापा, 11 नाबालिग बच्चे रेस्क्यू किए और 6 मानव तस्कर पकड़े
लखनऊ।देश की राजधानी में दिल्ली में बाल मजदूरी के धंधे में झोंकने के लिए ले जाए जा रहे 11 बच्चों को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा ने पटना से दिल्ली जाने वाली बस को रोक कर छापा मारा।
इस छापे में एएचटीयू लखनऊ पुलिस के इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा चाइल्ड लाइन केयर की संगीता शर्मा ने पूर्ण सहयोग किया।
देश की राजधानी में बाल मजदूरी के नाम पर इन बच्चों को झोखनें की तैयारी थी किंतु इस धंधे का पर्दाफाश करके बच्चों का जीवन नर्क होने से बचा लिया गया ।
इन बच्चों की उम्र 10 वर्ष से लेकर 13वर्ष के बीच की ही थी, जिस उम्र में बच्चे पढ़ना लिखना खेलने में लगे रहते हैं उस उम्र में इन बच्चों को फैक्ट्रियों में लगभग 16 घंटे कार्य करने में लगाया जाना था।
देश की राजधानी दिल्ली भी बाल मजदूरी का सबसे बड़ा गढ़ बना हुआ है, देश के विभिन्न भागों से बहुत सारे बाल मजदूरों को दिल्ली लाया जाता है ।
बच्चों की जब काउंसिलिंग की गयी तब बच्चे सही से अपने घर का पता भी नही बता पा रहे थे।
उन्हें ये भी नहीं पता था कि उन्हें कहाँ और क्यों ले जाया जा रहा है इससे समझा जा सकता है कि बच्चें कितने मासूम हैं।
इन नाबालिग बच्चों में सात नेपाल के अलग अलग जिलों तथा चार बिहार के मोतिहारी जिले के थे। सबको इकट्ठा कर दिल्ली ले जाया जा रहा था।
बच्चों को चाइल्ड लाइन केयर लखनऊ को सौंपा गया तथा 06 मानव तस्करों को पुलिस कार्यवाही के लिए हिरासत में रखा गया है
मानव तस्करी रोधी इकाई क्षेत्रक मुख्यालय से इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा, एएचटीयू लखनऊ पुलिस से इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा, चाइल्ड लाइन केयर से संगीता शर्मा, कृष्णा प्रताप, विवेक शर्मा, ब्रजेश यादव शिवम शर्मा, एनजीओ वोलीयनटियर से डाइरेक्टर दिनेश शर्मा, चिन्हट पुलिस थाने से कांस्टेबल योगेश पाल यादव और कांस्टेबल कृष्णा सिंह इत्यादि सहयोगी रहे।









