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बाढ से बेहाल पाकिस्तान, राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा

 

लाहौर.

फाईल तस्वीर

पाकिस्तान इन दिनों जलवायु-प्रेरित मानवीय आपदा से जूझ रहा है, क्योंकि जलवायु परिवर्तन  की वजह से सामान्य से अधिक बरसात हुई है. इसके चलते देश के कई हिस्सों में बाढ़ आ गई है. इससे लोग पलायन करने को मजबूर है. वहीं सरकार ने भी इसे देखते हुए देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है.

पाकिस्तान में असामान्य वर्षा, बादल फटने, ग्लेशियर के ओवरफ्लो होने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है और इस बाढ़ से मरने वालों की संख्या 900 से ज्यादा हो गई है. इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने खुलासा किया कि पाकिस्तान के चार प्रांतों – बलूचिस्तान, सिंध, पंजाब (दक्षिण) और खैबर पख्तूनख्वा के निवासी इस मॉनसूनी बारिश के कारण बाढ़ से भाग रहे हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा जारी एक रिपोर्ट से पता चला है कि पिछले 24 घंटों में लगभग 73 लोगों की मौत हुई है.

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इस बीच, 82,033 घर क्षतिग्रस्त हो गए और 710 मवेशी मारे गए. एनडीएमए के अनुसार, भारी मॉनसूनी वर्षा और बाढ़ से संबंधित घटनाओं के कारण 191 महिलाओं सहित लगभग 400 लोगों की जान चली गई. जबकि 1,000 से अधिक लोग घायल हुए थे. रिकॉर्ड तोड़ मॉनसूनी बारिश के कारण लोग बाढ़ से पलायन कर रहे हैं.

सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की
जलवायु परिवर्तन मंत्री सीनेटर शेरी रहमान ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी गई है, क्योंकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने विदेश में अपनी आधिकारिक यात्राएं स्थगित कर दी हैं.

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शहबाज शरीफ की अपील पर अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने गुरुवार को पाकिस्तान की राहत के लिए $ 500 मिलियन दान करने का फैसला किया. उन्होंने आगे कहा कि ‘दक्षिणी पाकिस्तान में भारी बारिश हो रही है, जिसमें सिंध के 23 जिलों को आपदा प्रभावित घोषित किया गया है.अगस्त के महीने में अब तक औसतन 166 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 241% अधिक है, जबकि इसके दक्षिणी हिस्से विशेष रूप से सिंध में 784% अधिक बारिश हुई है. मौसम की सामान्य औसत बारिश की तुलना में ये आकड़े खतरनाक हैं.’

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