तराई मे शित लहरी बढी, जनजीवन प्रभावित
कैलास दास,जनकपुर, पुस ९ । मध्य तथा पूर्वी तराई के जिलों में मंगलवार से शित लहर का प्रभाव बढ गया है । मंगलवार दिन भर कुहासा लगा हुआ था, तथा ठण्ढा काफी बढा हुआ है । शित लहर के कारण जनकपुर सहित तराई के विभिन्न जिलो का जनजीवन प्रभावित हुआ है । खसकर जाड के कारण बाल—बालिका, अशक्त, अपाङ्ग, बृद्ध, ज्येष्ठ नागरिक अत्यधिक प्रभावित हुयें है । शीत लहर के साथ ही रुघा, खोकी, निमोनिया, दम जैसा बिमारी भी बढ गया है ।
मंगलवार इस प्रकार कुहिसो लगा था कि जनकपुर आने और जानेवाले एक भी विमान उडान नही हुआ है । काठमाण्डौं से आने वाले विमान के लिए भिजिविलीटी कम होने के कारण मंगलवार विमान नही आ सका । जनकपुर नागरिक उडड्न कार्यालय ने जानकारी दी है । शितलहर के प्रभाव धनुषा, महोत्तरी, सिरहा, सहित के जिलों अत्यधिक देखा गया है ।
इसी प्रकार जिला विपत व्यवस्थापन समिति को मंगलवार बैठक बैठी है । बैठक में शीत लहर से किस प्रकार आम आदमी को बचाया जा सकता है विशेष छलफल हुआ है । छलफल के क्रम में कम्ति मे नगरपालिका भीतर आग जलाने की बात हुई है । जिल्ला विपत्त व्यवस्थापन समिति का अध्यक्ष एवं धनुषा का प्रमुख जिल्ला अधिकारी हरिप्रसाद मैनाली की अध्यक्षता मे बैठा उस बैठक मे विभिन्न क्षेत्र का सरोकारबाला व्यक्तिओं की सहभागिता थी ।
जिला प्रशासन कार्यालय, जिल्ला मालपोत कार्यालय, कदम चौक, रेल्वे स्टेशन, पूल चौक, पिडारी चौक, बस पार्क, रामानन्द चौक, जिरोमाई भ्रमरपुरा चौक, भानु चौक, जचुकाली गेट, वडा प्रहरी कार्यालय मुजेलिया, राम चौक, महावीर चौक, पेठिया बजार, पगलाबाबा धर्मशाला, गोपाल धर्मशाला, विहार कुण्ड स्थानो पर आग जलाया जाऐगा । जिल्ला प्रशासन कार्यालय का प्रशासकीय अधिकृत हरि किशोर प्रसाद चन्द्रवंशी ने जानकारी दी है । बैठक में धनुषा का स्थानीय विकास अधिकारी, गुरुप्रसाद सुवेदी, जनकपुर अञ्चल प्रहरी कार्यालय प्रमुख वरिष्ठ प्रहरी उपरिक्षक शिव लमिछाने, सशस्त्र प्रहरी उपरिक्षक, सुवर्ण थापा मागर, जिल्ला वन अधिकृत, नेपाल रेडक्रस सोसाईटी का मन्त्री नरेश प्रसाद सिंह, अमरचन्द्र अनिल, जनकपुर नगरपालिका का कार्यकारी अधिकृत जगन्नाथ लामिछाने सहित का व्यक्ति ने विभिन्न सुझाव दिया था ।

