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अमृत महोत्सव के अवसर पर धन्वंतरि जयंती मनी

 


जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । आजादी केअमृत महोत्सव के अवसर पर भारतीय बाणिज्य महादूतावास वीरगंज द्वारा धन्वंतरि जयंती मनायी गयी। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि मधेश प्रदेश के महामहिम राज्य पाल हरि शंकर मिश्र थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भैषज चिकित्सा का जनक धन्वंतरि को माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं में के अनुसार इसे बिष्णु का अवतार माना जाता है। प्राचीन भारत में आर्युवेद चिकित्सा उन्नत अवस्था में थी। लेकिन आधुनिक चिकित्सा पद्धति आने से आर्युवेद अवनति की ओर चला गया। स्वामी रामदेव बाबा, स्वामी रविशंकर जैसे लोगो ने आर्युवेद को जीवंत में लगे हैं। आज अमरीका, यूरोप में आयुर्वेद चिकित्सा प्रगति कर रही है। अंग्रेजी की तरह इसका कोई साइड इफेक्ट नही है। नेपाल में बहुमूल्य जडी बूटी कि भंडार है। इसलिए आर्युवेद की दवा उत्पादन की बेहतर संभावना है।
कार्यक्रम की शुरुआत में अपने मंतव्य मेंभारतीय बाणिज्य महादूत नीतेश कुमार ने कहा कि भारत सरकार के “हर दिन हर घर आयुर्वेद” अभियान के बारे में चर्चा की। नीतेश कुमार ने आयुर्वेद @2047आजादी के अमृत काल के अंतर्गत सरकार के महत्वाकांक्षी के बारे में जानकारी दिए। कार्यक्रम में व्यवसायी, पत्रकार, बुद्धिजीवी, विभिन्न विद्यालय के प्रिंसिपल नागरिक समाज तथा भारतीय दूतावास के कर्मचारियों सहित 80लोगो की सहभागिता थी।

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