जनमत पार्टी चाहती है मधेश में मुख्यमंत्री और प्रदेश में कृषि और उद्योग मंत्रालय
काठमांडू, २८ मंसिर–
आम निर्वाचन के शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि प्रदेश नम्बर २ के सप्तरी में चुनाव में इस तरह की उथल पुथल होगी । एक नई पार्टी जुड़ जाएगी । जी जनमत पार्टी की बात हो रही है इसबार के चुनाव में बहुत से नए चेहरे थे मैदान में । बहुत को अब बहुत सी आशाएं और उम्मीद है इन नए चेहरे से । हाँ हम और आप बखूबी जानते हैं कि सभी स्वार्थी है पहले खुद के लिए कुछ करेंगे , उसके बाद औरों की ओर ध्यान जाएगा । लेकिन इतना जरुर कहा जा सकता है कि नई सोच है तो कुछ बेहतर भी हो सकता है । अब परिणाम आ चुकी है । हम और देख सुन रहे हैं कि किस तरह की जोड़तोड़ हो रही है । अब मधेश प्रदेश यानी प्रदेश नम्बर दो में क्या सब हो सकता है या फिर किस पद की बात चल रही है ? सभी के दिमाग में चल रहा है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा ? या फिर कृषि मंत्री कौन बनें तो यहाँ भी बहुत कुछ हो रहा है तो सभी अभी इसी दौड़ में शामिल हैं । जनमत पार्टी के अध्यक्ष सीके राउत सहित पार्टी के पदाधिकारी भी काठमांडू हाए हुए हैं । राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी के साथ ही सत्तारुढ़ और विपक्षी गठबन्धन के शीर्ष नेताओं के साथ अलग अलग मिल रहें हैं । और इस राजनीतिक भेटवार्ता के बाद जनमत पार्टी एक निष्कर्ष में पहुँची है कि कांग्रेस नेतृत्व के लोकतान्त्रिक वाम गठबन्धन के साथ ही सहकार्य करेंगे ।
अब जनमत क्या चाहती है तो जनमत की ईच्छा है दो मन्त्रालय पर
–कृषि और उद्योग । सूत्रों के अनुसार किसान के मुद्दा को हमने उठाया है इसलिए कृषि मन्त्रालय अगर हमें मिलता है तो यह हमारे एजेण्डा में फिट होता है । जनमत पार्टी का कहना है कि जनता की अपेक्षा अनुसार काम करने का अवसर होगा ।
यदि उद्योग मन्त्रालय का नेतृत्व मिलता है तो हम बन्द हुए उद्योगों को पुनः सञ्चालन कर सकते हैं या कृषि से सम्बन्धित नया उद्योग खोलने की हमारी योजना है । पार्टी का कहना है कि जो भी मंत्रालय हमें मिलेगा , हम कुछ न कुछ सुधार जरुर करेंगे ।
इसके साथ ही मधेश प्रदेश में मुख्यमन्त्री पद की भी मांग है २२ सांसद प्राप्त करने वाले पहले दल कांग्रेस भी मुख्यमन्त्री पद का दाबा कर रही है । कांग्रेस नेताओं ने जनमत पार्टी के नेताओं से सभामुख और कुछ मन्त्रालय लेने का प्रस्ताव रखा है ।
जनमत के नेताओं के अनुसार मधेश का नेतृत्व यदि पार्टी को मिलता है तो ऐसे में मुख्यमन्त्री कौन बनेगा ? यह तय नहीं हुआ है । वैसे तीन नाम सामने आ रहे हैं – उपाध्यक्ष बसन्त कुशवाह, सतिश सिंह और त्रिभुवन साह ।
मधेश प्रदेश के ६४ प्रत्यक्ष सीट मध्ये ५८ में उम्मीदवारी देने वाली जनमत ने प्रत्यक्ष से ६ सीट जीती है । समानुपातिक से उसने ७ सिट प्राप्त किया । इस तरह कुल १३ सांसद सहित प्रदेशसभा के तीसरे दल के रुप में उभरी है जनमत पार्टी ।
जनमत को और भी सीट मिलती अगर सभी दल गठबंन कर नहीं आते तो । उन्हें अभी बहुत काम करना है । मुख्यमंत्री पद मिले या कोई और मंत्रालय । वो हर उस क्षेत्र में काम करने को तैयार है चाहे जो भी मिले । उन्होंने चुनाव में जाने से पहले ही कह दिया था हर घर एक रोजगार, शिक्षा, और स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा इस पार्टी का ध्यान रहगा । अगर हमें यह मिलता है तो हम काम करके दिखाऐंगे । आगे न जाने क्या होगा ? किसे क्या मिलता है ये तो समय ही बताऐगा । हम और आप तो इंतजार ही कर सकते हैं। हाँ इतना जरुर कह सकते हैं जो अच्छा करेगा वो दूर तक जाएगा ।

