पोखरा विमानस्थलखुशी कम चिंता ज्यादा
काठमांडू, १८ पुस –
पोखरा अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल का कल यानी १ जनवरी को उद्घाटन हुआ और इसके साथ ही एक विवाद उत्पन्न हो गई है । विमानस्थल उद्घाटन समारोह को सम्बोधन करते हुए चीन कार्यवाहक राजदूत वाङ सिनले ने कहा कि ‘बीआरआई’ के लिए पोखरा विमानस्थल उज्ज्वल कार्य हुआ है । जबकि नेपाली पक्ष ने इस बात पर जोर दिया है कि बीआरआई के अन्तर्गत कोई परियोजनामा नहीं हुआ है ।
उद्घाटन के पहले दिन ही काठमांडू स्थित चिन दूतावास ने वक्तव्य जारी कर पोखरा विमानस्थल बीआरआई के अन्तर्गत बना है । व्क्तव्य में कहा गया है कि ‘ये नेपाल–चीन बीआरआई सहयोग की प्रमुख परियोजना है । नेपाल सरकार और नेपाली जनता को हार्दिक बधाई ।
चिन के कार्यवाहक राजदूत वाङ ने एक तरह से यह कहा कि नेपाल में बीआरआई के परियोजना के अन्तगर्त इस विमान स्थल का कार्यान्वयन किया गया है । यह सवाल आज हमारे मन में है लेकिन चीन ने बार बार इस बारे में कहा कि यह पोखरा अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल यानी ये परियोजना बीआरआई के अन्तर्गत हो रहा है । ८ गते वैशाख में भी तत्कालीन चिन के राजदूत होउ यान्छी ने भर्चुअल पत्रकार सम्मेलन में कहा था कि –नेपाल में चीन जो भी निर्माण कर रहा है या करेगा वे सभी मुख्य परियोजना बीआरआई के ही फ्रेम वर्क के भीतर ही होगा ।
होउ के अनुसार चिन के अनुदान या ऋण ही नहीं, चिनी कम्पनी ने ठेक्का लिए हुए योजना भी बीआरआई के अन्तर्गत है । जबकि नेपाल सरकार स्रोत के अनुसार हाल तक बीआरआई के अन्तर्गत कोई भी परियोजना का चयन नहीं हुआ है ।
वैसे नेपाल सन् २०१७ में बीआरआई का सदस्य बना है । इसके अन्तगर्त परियोजना के बारे में बहुत ज्यादा बातें बाहर नहीं आई है ।


