क्या जनमत को मिलेगा उद्योग मंत्रालय ?
काठमांडू , ९ माघ– प्रधानमन्त्री प्रचण्ड ने जनमत पार्टी को खानेपानी मन्त्रालये दिया था जिसे जनमत ने अस्वीकार कर दिया । जनमत ने अपनी अड़ान पर है कि उसे उद्योग मंत्रालय मिले । अगर उसे यह मंत्रालय नहीं मिलता है तो कुछ अलग रास्ता अख्तियार करेगा । वैसे तो प्रधानमंत्री ने कहा था कि रविवार को कुछ फैसला हो जाएगा लेकिन कुछ नहीं हो पाया है अब बात आज यानी सोमवार को तय होने की बात की जा रही है ।
सरकार बनने के बाद जब मंत्रालयों का बँटवारा हुआ तो जनमत के हिस्से में खानेपानी मंत्रालय को बढ़ा दिया गया लेकिन जनमत ने तत्काल ही इस मंत्रालय के प्रति अपनी असन्तुष्ट व्यक्त की थी ।
जनमत पार्टी के प्रवक्ता समेत रहे खानेपानी मन्त्री अब्दुल खान ने मन्त्रालय के विषय में सोमवार को तय किया जाएगा । उन्होंने कहा कि आज छुट्टी हो जाने के कारण से इस विषय पर कोई खास बहस या बातचीत नहीं हो पाई है । इसलिए अब सोमवार को तय किया जाएगा ।
वैसे जनमत के ही प्रदेश सांसद सतीश कुमार सिंह ने कहा कि – हमारी पार्टी ने शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया था कि हमें उद्योग मंत्रालय और कृषि मंत्रालय दें क्योंकि हमने चुनाव के समय में अपनी जनता को विश्वास दिलाया था कि यदि हम चुनकर आते हैं तो हर घर एक रोजगार देंगे । इसलिए हमें ऐसा मंत्रालय दें ताकि हम रोजगार की सृजना कर सकें । हमने जो जनता से वादा किया है उसे पूरा कर सके । लेकिन अंतिम समय में हमें इन दोनों मंत्रालय को छोड़कर खानेपानी मंत्रालय दे दिया गया । सच तो यह है कि हम यह मंत्रालय लेकर क्या करेंगे ?हमें अपनी जनता को रोजगार देना है हम उससे भटकना नहीं चाहते हैं । वैसे आज की बात हुई है कि हमें उद्योग मंत्रालय मिले । देखें क्या होता है ?


