प्रचंड धोखेवाज निकलें – ओली
काठमांडू, १५ फागुन –
नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी ओली ने राष्ट्रीय नाचघर में रविवार को आयोजित शहीद, घायल तथा लापता परिवार के सम्मान कार्यक्रम में प्रधानमंत्री प्रचंड के बारे में कहा कि उन्होंने धोखा दिया है । ओली ने कहा कि लोकतन्त्र के कारण हमने मिलकर काम करने को स्वीकार किया था लेकिन माओवादी केन्द्र के अध्यक्ष तथा प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल ने धोखा दे दिया ।
उन्होंने दाहाल की तुलना बिल्ली से करते हुए कहा कि एक कटोरी में दूध रखकर वह पड़ोसी के घर चले गए । राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस का समर्थन और समर्थन करने वाले दाहाल पर व्यंग्य करते हुए ओली ने कहा कि यदि उन्हें बिल्ली ही खरीदनी है तो तो दूधभात रख देते बिल्ली तो स्वयं ही आ जाती । उन्होंने यह भी कहा कि जो कोई भी कटोरा में ज्यादा दूधभात देगा प्रचंड वहीं जाऐंगे । प्रचंड की यही प्रवृति है ।
ओली ने आगे कहा कि २०६२÷६३ साल के आंदोलन के बाद, दाहाल ही सबसे ज्यादातर समय सत्तारूढ़ दल में थे, वो अपने ‘परिवार के हितों में लिप्त’ और ‘चाकू लेकर बैठे’ जैसे कई आरोप लगाए । परिवार में लोग भले ही अमीर हों, भतीजी, भतीजा, बहू, चचेरे भाई अच्छी जगह पहुंचे हों, लेकिन अब भी प्रधानमंत्री ने घायलों पर विचार किया है या नहीं ?
उन्होंने प्रधानमंत्री पर सवाल भी उठाए कि क्या आपको केवल अपना स्वार्थ, अपना परिवार याद है या आपको जनता का युद्ध भी याद है?’
एमाले अध्यक्ष ओली ने माओवादी केन्द्र द्वारा शुरु किए गए जनयुद्ध को हिंसा की संज्ञा देते हुए उन्होंने दावा किया कि उन्हें अब ‘जनयुद्ध’ याद भी नहीं है । प्रचंड (पुष्पकमल दाहाल) ने जनयुद्ध के नाम पर हिंसा का अभियान शुरू किया । जनता की ओर से बहुत से लोग और राज्य की ओर से भी बहुतों की हत्या हुई ।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ‘लमजुङ के एक शिक्षक की बात हो या खोटाङ के शिक्षक की । अत्यन्त ही निर्मम ढंग से हत्या की गई थी ।

