जन मानस की अगाध आस्था के साथ नेपाल से शिला अयोध्या पहुँची : मिश्री लाल मधुकर
मिश्री लाल मधुकर, हिमलिनी फरवरी अंक । अयोध्या में प्रभु राम की बाल प्रतिमा तथा माता सीता की प्रतिमा नेपाल के काली गंडकी से लाये गये दो शिलाओं से बनेगी । १५जनवरी को काली गण्डकी के गोपेश्वर स्थान में क्षमा दान पूजा के बाद दोनो शिलाओं को क्रेन से नदी के तट पर लाया गया । इस अवसर पर जानकी मंदिर के महंथ राम तपेश्वर दास बैष्णव, पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा नेपाली कांग्रेस के बरिष्ठ नेता विमलेन्द्र निधि, विश्व हिन्दू परिषद के महा मंत्री राजेन्द्र सिंह पंकज, गण्डकी प्रदेश के नि. मुख्यमंत्री तथा नि. प्रदेश प्रमुख सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे ।
२५ जनवरी दो ट्रकों पर दोनो देव शिलाएं जनकपुरधाम के लिए प्रस्थान किया । रास्ते में दोनो शिलाओं की लोगों ने पूजा अर्चना की । २८जनवरी को दोनो शिलाएं देर रात जानकी मंदिर पहुंची । २९ तारीख को जानकी मंदिर के महंथ द्वारा बिशेष पूजा पाठ की गयी । इस अवसर पर मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री सरोज यादव, प्रदेश प्रमुख हरि शंकर मिश्र, स्पीकर राम चंद्र मंडल, भौतिक पूर्वाधार मंत्री राम सरोज यादव, पूर्व मंत्री तथा लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल झा, स्थानीय सांसद जूली महतो, जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह, उप मेयर किशोरी साह, जनकपुरधाम उद्योग बाणिज्य संघ के अध्यक्ष जीतेन्द्र महासेठ, बिहार दरभंगा के प्रमंडलीय आयुक्त डा. मनीष कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे । ३० जनवरी को सुवह ९ बजे जानकी मंदिर से कड़ी सुरक्षा में दोनो शिलाओं को अयोध्या के लिए प्रस्थान किया गया । रास्ते में जगह–जगह पर हजारों नर नारियों ने पुष्प वृष्टि कर दोनो शिलाओं का स्वागत किया । जटही बोर्डर पर पहुंचने पर बिस्फी के भाजपा बिधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल, मधुबनी भाजपा के उपाध्यक्ष देवेन्द्र यादव, जिला पार्षद बिनोद प्रसाद, भाजपा नेता गौरी शंकर मिश्र सहित विश्व हिन्दू परिषद तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा आम नागरिकों ने स्वागत किया । जटही से मुजफ्फरपुर पहुंचने में शिला को १२घंटा से अधिक का समय लगा । ३१ को दोनो शिलाएं गोरखपुर के लिए चली । १२बजे गोपाल गंज में राजन तिवारी के आवास पर शिला के साथ चल रहे लोगो के भोजन की व्यवस्था थी । भोजनोपरांत दोनो शिलाएं सौ से अधिक वाहनों के काफिले के साथ कुशी नगर होते हुए गोरखपुर को पहुंची । एक फरवरी को गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में जिस ट्रक पर सीता की प्रतिमा के लिए शिला रखी थी । उसे हवन किया गया । पतंजलि परिवार की दीदी द्वारा हवन किया गया । हवन की शुरुआत जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह द्वारा किया गया । पूर्व उप प्रधानमंत्री विमलेंद्र निधि, जानकी मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राम रोशन दास बैष्णव, बार्डाध्यक्ष राम चंद्र पंजियार विश्व हिन्दू परिषद के धनुषा जिला अध्यक्ष संतोष साह, मनोहर साह की लोगो ने भाग लिया । जिस ट्रक पर राम प्रतिमा बनाने के लिए शिला रखी गयी थी । उसे गोरख नाथ मंदिर के पुजारियों द्वारा पूजन किया गया । १फरवरी को रात में दोनो शिलाएं अयोध्या पहुंची । सुबह ५१आचार्यो के साथ बैदिक ऋचाओं के पाठ के साथ पूजा की गयी । इस में जानकी मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास बैष्णव, नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री विमलेंद्र निधि, जानकी मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राम रोशन दास बैष्णव, जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह, राम मंदिर तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य राजेन्द्रसिंह पंकज, कामेश्वर चौपाल सहित कई गणमान्य लोगो ने भाग लिए । इस दौरान ट्रस्ट द्वारा सम्मानित किया गया । जानकी मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास बैष्णव ने मैथिली भाषा में लिखे ताम्र पत्र भेंट किए । घफरवरी को पूर्वउप प्रधानमंत्री विमलेंद्र निधि , उनकी धर्म पत्नी अनामिका निधि, सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने निर्माणाधीन राम मंदिर में पूजा की । साथ में राम मंदिर तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, महावीर न्यास समिति पटना के सचिव किशोर कुणाल, कामेश्वर चौपाल आदि थे । विमलेन्द्र निधि सहित उनके साथ उपस्थित सभी लोगो को निर्माधीन राम मंदिर क्षेत्र में चंपत राय ले गये तथा निर्माण के बारे में जानकारी दी ।

