अतिक्रमित नेपाली भूमि के संबंध में प्रधानमन्त्री क्यों चुप हैं ? –ओली

काठमांडू, ३० मार्च । नेकपा एमाले के अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड से प्रश्न किया है कि अतिक्रमित नेपाली भूमि के संबंध में प्रधानमन्त्री क्या कर रहे हैं ? नेपाल की भौगोलिक अखंडता और सीमा अतिक्रमण संबंधी विषयों में प्रधानमन्त्री प्रचण्ड को बोलने के लिए आग्रह करते हुए उन्होंने ऐसा प्रश्न किया है ।
आज बिहिबार काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए अध्यक्ष ओली ने कहा– ‘कमसे कम सरकार को हमारी जमीन के संबंध में, भौगोलिक अखंडता के संबंध में बोलना चाहिए । प्रधानमन्त्री को जबाव देना होगा कि हमारी भूमि क्या हो रहा है ? कहां–कहां क्या–क्या हो रहा है, आप को खुला दिल से बोलना होगा ।’ इस अभिव्यक्ति का संकेत भारत की ओर था । लिम्पियाधुरा, लिपुलेक की ओर संकेत करते हुए अध्यक्ष ओली ने आगे कहा– ‘हमारी सीमा अतिक्रमण हो रहा है, सरकार मौन है । क्योंकि अगर इसमें प्रश्न किया जाता है तो सरकार गिर जाता है । अपने पद के लिए चूप रहनेवाले नेताओं की ओर से देश की हित होनेवाला नहीं है ।’
स्मरणीय है, निकट भविष्य में प्रधानमन्त्री प्रचण्ड भारत भ्रमण में जा रहे हैं, इसके प्रति भी अध्यक्ष ओली ने प्रश्न किया है । व्यंग्यात्म और आक्रोशपूर्ण शब्द में उन्होंने कहा– ‘भ्रमण किस लिए ? अपनी भूमि के प्रति दावेदारी करने के लिए या ताबेदारी के लिए ? प्रश्न यही है कि दावेदारी के लिए है या तादेदारी के लिए ।’ भारत भ्रमण के दौरान नेपाली भूमि के संबंध में बात करने के लिए भी उन्होंने प्रधानमन्त्री प्रचण्ड को सुझाव दिया ।’

