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नेपाल में संपन्न हुआ ” मरूस्थल ” खण्डकाव्य का मुखपृष्ठ विमोचन , समीक्षा तथा सम्मान कार्यक्रम

 

 

नेपालगन्ज ।  – नेपाल के नेपालगंज शहर में वर्ल्ड क्रिएटिव्हिटी फोरम की ओर से भारतीय हिंदी कवि,उपन्यासकार मनीषा खटाटे का दार्शनिक खण्डकाव्य “मरूस्थल” के मुखपृष्ठ तथा “मरूस्थल ” खण्डकाव्य पर समीक्षात्मक चर्चा का आयोजन १ अप्रैल २०२३ को किया गया । हिंदी साहित्य में किसी स्त्री द्वारा दार्शनिक परिभाषा में लिखा गया यह प्रथम खण्डकाव्य है और रांगेय राघव के “मेधावी “के बाद यह दूसरा खण्डकाव्य है। इस कार्यक्रम में मुखपृष्ठ का विमोचन नेपाल भाषा आयोग के सदस्य तथा श्रेष्ठ कवि,लेखक मा.श्री.डाॅ.अमर गिरी और नेपाल भाषा आयोग के सदस्य तथा लोकप्रिय अनुवादक,कवि और लघुकथा लेखक मा.श्री.गोपाल अश्क जी के करकमलों से संपन्न हुआ।इस कार्यक्रम में प्रमुख अतिथी के रूप में नेपाल के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार मा.श्री.सनत रेग्मी उपस्थित थे । इस कार्यक्रम में मा.डाॅ.राजेंद्र खटाटे भी उपस्थित थे । महाराष्ट्र की मराठी भाषिक हिंदी – स्री साहित्यकार को नेपाल में पहली बार इतना सम्मान मिला है । इसके लिए विश्व भर के साहित्यिको ने अपनी शुभकामनाएं भेजी है । इस कार्यक्रम से भारतीय साहित्य और नेपाली साहित्यिक संबंध मजबूत होने में सहायता मिलेगी तथा अनुवाद के माध्यम से साहित्यिक आदान – प्रदान भी होगा जिससे सृजनात्मक मानवता का निर्मान हो सके । इस खण्डकाव्य की समालोचना नेपाली भाषा में नेपाल के सुप्रसिद्ध समालोचक तथा समीक्षक मा.श्री.हरि तिमिलसिना ने किया । यह कार्यक्रम नेपाली – हिंदी भाषा में संपन्न हुआ जो इस कार्यक्रम की विशेषता रहीं है ।

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वर्ल्ड क्रिएटिविटी फोरम नासिक , महाराष्ट्र भारत ने नेपाल के आठ साहित्यकारों को नेपालगंज में आयोजित कार्यक्रम में संस्था ने नेपाली साहित्यकारों का भी सम्मान पत्र देकर सम्मान किया गया ।

उसमें वरिष्ठ नेपाली साहित्यकार मा.सनत रेग्मी, भेरी साहित्य समाज के अध्यक्ष हरि तिमिलसीना, मीना बराल, शारिक रब्बानी, कथाकार किरण आचार्य, कल्पना पौडेल,नेपाल -भारत मैत्री संघ की उपाध्यक्षा सुषमा शर्मा, कल्पना खरेल को सम्मानित किया गया।

 

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