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छत्रपति शिवाजी और कविराज भूषण को लेकर एक कार्यक्रम

 

काठमांडू, १९ जेठ । आज नेपाल भारत पुस्तकालय काठमांडू में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा छत्रपति शिवाजी और कविराज भूषण को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था । कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केन्द्र की निदेशक डॉ. आशावरी बापट ने छत्रपति शिवाजी और कवि भूषण के बारे में बहुत ही सरल एवं रोचक तरीके से बताया ।
अपने मतंव्य में उन्होंने शिवाजी के जीवनी को दर्शाया । छत्रपति शिवाजी महाराज एक बहादुर, बुद्धिमान, शौर्यवीर और बहुत ही दयालु शासक थे । उनका जन्म १९ फरवरी १६२७ को मराठा परिवार में महाराष्ट्र के शिवनेरी में हुआ । छत्रपति शिवाजी महाराज एक भारतीइ शासक थे जिन्होंने मराठा सम्राज्य खड़ा किया था इसलिए उन्हें अग्रगण्य वीर एवं अमर स्वतंत्रता– सेनानी स्वीकार किया जाता है ।
कवि भूषण उनके दरवारी कवि थे । उन्होंने शिवाजी को लेकर में बहुत सी रचनाएं की है । अपने मंतव्य में उन्होंने कवि भूषण ने जो शिवाजी महराज के शौर्य का वर्णन किया है उसके बारे में बताया और उनके द्वारा लिखें गए कुछ पंक्तियों को भी सुनाया जिनमें शिवाजी के चतुरंग सेना का वर्णन किया गया है –
“साजि चतुरंग सैन्य अंग मैं उमंग धरि सरजा सिवाजी जंग जीतन चलत है ।
भूषण भनतनाद बिहद नगारन के नदीनद मद गैबरन के रलत है ।”
इसी तरह –
“एक कहे कल्पद्रुम है इमि पूरत है सबकी चिचा है
एक कहे अवतार मनोज को यौं तनमे अति संदरता है ।”

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