आज विश्व पर्यावरण दिवस, प्रधानमंत्री प्रचंड ने दिया शुभकामना संदेश
काठमांडू, २२ जेठ
आज विश्व पर्यावरण दिवस । इस विशेष दिन को लोग जनसहभागिता के रूप में मनाते हैं तथा इसका दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना है । हालांकि आज के औद्योगीकरण के दौर में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई बहुत चिंता का विषय बन गया है,इसके चलते दुनियाभर के इकोसिस्टम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है । पर्यावरण को सुरक्षा प्रदान करने का संकल्प लेने के उद्देश्य से ही हर साल विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है.
पर्यावरण दिवस हर साल एक नए थीम के साथ मनाया जाता है. इस बार विश्व पर्यावरण दिवस २०२३ की थीम आधारित है –प्लास्टिक प्रदूषण के समाधान पर ।
‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मनाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैले, लोगों को पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, ग्रीन हाउस के प्रभाव, ग्लोबल वार्मिंग, ब्लैक होल इफेक्ट आदि ज्वलंत मुद्दों और इनसे होने वाली विभिन्न समस्याओं के प्रति जागरूक करवाना ।
अगर इसके इतिहास में जाए तो विश्व पर्यावरण दिवस पहली बार १९७२ में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा मनाया गया था । पहली बार यह सम्मेलन स्वीडन में आयोजित किया गया था । इस सम्मेलन में ११९ देशों ने हिस्सा लिया था । साथ ही सभी ने एक धरती के सिद्धांत को मान्यता देते हुए हस्ताक्षर भी किए थे । इसके बाद से ही प्रत्येक वर्ष ५ जून को सभी देशों में ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मनाया जाने लगा ।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री प्रचंड ने शुभकामना देते हुए एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है – इस वर्ष हम इस दिवस को वर्तमान वैश्विक दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक, प्लास्टिक प्रदूषण पर प्रकाश डालते हुए मनाने जा रहे हैं । प्लास्टिक हमारे आधुनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है । एक ओर, इसने उद्योग में क्रांति ला दी है, हमारी दैनिक सुविधाओं में सुधार किया है और हमें अनगिनत लाभ प्रदान भी किया है तो वही दूसरी ओर, इसके अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग ने एक बड़ी पर्यावरणीय समस्या भी पैदा कर दी है ।
उन्होंने सभी लोगों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि इस दिन के नारे को व्यावहारिक कार्यान्वयन करने के लिए मिलकर काम करें ।

