बालेन ने लगाया आरोप…. अदालत तथा सरकार भारत का गुलाम है
काठमांडू, ७ असार
काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बालेन साह ने कहा है कि अदालत के आदेश का वह पालन नहीं करेंगे । बुधवार उच्च अदालत पाटन ने हिन्दी सिनेमा चलने दे का अल्पकालीन अन्तरिम आदेश देने के बाद बालेन ने इस तरह का प्रतिक्रिया दिया है ।
अदालत के आदेश आने के साथ ही बालेन ने सामाजिक संजाल में स्टाटस रखते हुए देश की सार्वभौमिकता और स्वाधीनता की बात में किसी कानून और अदालत को नहीं मानेंगे ।
उन्होंने लिखा है कि –जहाँ सवाल देश के सार्वभौमिकता और स्वाधीनता की बात आएगी है तो मैं किसी कानून और अदालत को नहीं माननेवाला हूँ । मेयर बालेन ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि अदालत तथा सरकार भारत का गुलाम है । बालेन ने कहा कि मैं कोई भी सजा भुगतने के लिए तैयार हूँ लेकिन फिल्म को नहीं चलने देने पर वह अड़े हैं । उन्होंने लिखा है कि फिल्म लेखक ने लिखा कि नेपाल भारत के अधिन था । इससे उनकी नियत का पता चलता है ।
नेपाल सरकार इसे स्टंट कहेगी और कोर्ट फिल्म को चलने की इजाजत देगी क्योंकि नेपाल भारत के अधीन था, कोर्ट और सरकार भारत के गुलाम समझे जाते हैं । मैं इसके लिए कोई भी सजा भुगतने को तैयार हूँ , लेकिन फिल्म नहीं चलेगी और चलने भी नहीं दी जाएगी ।’
इससे पहले हिन्दी फिल्म चलने नहीं देने के आदेश के बाद काठमांडू महानगर के निर्णय विरूद्ध चलचित्र संघ ने रिट दायर किया था । जिसपर उच्च अदालत पाटन ने अल्पकालीन अन्तरिम आदेश दिया है ।

