‘भारत से लाया सौ रुपये से अधिक का समानों में टैक्स लगाने का नियम परिवर्तन होना चाहिए’
काठमांडू, २६ जुलाई । राष्ट्रीय एकता अभियान ने सरकार से आग्रह किया है कि नेपाल–भारत सीमा से लाया गया सौ रुपये से अधिक के सामानों में टैस लगाने का जो नियम है, उसमें परिवर्तन होना चाहिए । अर्थमन्त्री डा. प्रकाशरण महत के साथ मिलकर अभियान के अध्यक्ष विनय यादव के नेतृत्व की एक टोली ने ऐसा आग्रह किया है । टोली ने अर्थमन्त्री डा. महत को एक ज्ञापनपत्र दिया है और कहा है कि सरकारी निर्णय के कारण वाणिज्य क्षेत्र, उपभोक्ता हित और द्वितपक्षीय सम्बन्ध में प्रतिकूल परिणाम ला सकता है ।
ज्ञापन पत्र मे कहा है ‘खुला सिमा और रोटी–बेटी की परम्परागत सम्बन्ध के कारण भारत के साथ हमारा अन्योन्याश्रित सम्बन्ध है । पूर्व से पश्चिम तक तराई क्षेत्र में रहनेवाले उपभोक्ताओं की दैनिक उपभोग्य वस्तु समाग्री भारतीय बाजार मिलता है । १०० रुपये से अधिक दैनिक उपभोग्य सामान आयात में लगाया गया टैक के कारण तराई के निवासी लाखों विपन्न परिवार भूखमरी में पड़ने की संभावना है । लाखों युवा बेरोजगार हो सकते हैं । सिमा क्षेत्र सुरक्षा में योगदान देनेवाले तराई के निवासी नागरिकों की जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है ।’
बताया गया है कि सरकारी निर्णय के कारण अत्यावश्यक वस्तुओं की मुल्य वृद्धि होने की संभावना है और आम जनता की क्रयशक्ति में प्रभाव पड़ सकता है । विज्ञप्ति में कहा है– ‘विशेषतः सीमित वित्तीय स्रोत से जीनेवाले नागरिकों के ऊपर अधिक असर होनेवाला है । अन्याय में पड़े गए उपभोक्ताओं में असन्तुष्टि और आक्रोश बढ़ सकता है ।’ टोली में अभियान के वरिष्ठ नेता एवं संबिधान सभा सदस्य वीपी यादव, अभियान के राष्ट्रीय सम्मेलन तयारी समिति के महासचिव डॉ प्रभात कुशवाहा, सदस्य दिवस पटेल, चन्द्र यदुवंशी, पप्पू यादव भी शामील थे ।

