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मुंशी प्रेमचंद के जन्म दिवस के पूर्व संध्या पर विचार गोष्ठी तथा कवि सम्मेलन

 
जनकपुर रोड । आज 2080 – 04 – 14 गते रविवार के दिन पड़ोसी देश भारत के विहार राज्य के पुपरी में मुंशी प्रेमचंद के जन्म दिवस के पूर्व संध्या में एक दिवसीय विचार गोष्ठी तथा कवि सम्मेलन की आयोजना किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजक यूनिक एकेडमिक इंस्टीट्यूट ,सिंगियाही रोड पुपरी के संचालक श्री राहुल चौधरी थे तो वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री रामबाबू नीरव जी थे। कल दिनांक 31- 07- 2023 को मुंशी प्रेमचंद जी का पुण्य तिथि है। उक्त कार्यक्रम में नेपाल जलेश्वर से वरिष्ठ साहित्यकार श्री महेश्वर राय जी तथा मैं अजय कुमार झा सामिल हुए तो वहीं निम्नांकित स्थानीय कवियों ने अपनी अपनी सुमधुर कविता वचन से सभा को सुशोभित किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री रामबाबू नीरव जी ने कहा कि, ” कल्पना से ऊपर उठकर सामाजिक और राजनैतिक यथार्थ को साहित्य का विषय बनाकर मुंशी प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं को धार दिया।” इसी प्रकार कवि संजय चौधरी जी ने व्यक्ति, परिवार, समाज और संस्कृति के हरेक पहलुओं को संबोधित करते हुए अपनी मधुर कविता प्रस्तुत किए। इस दौरान मैंने भी अष्टावक्र गीता का अपनी हिंदी पद्यानुवाद के कुछ अंश प्रतीत किया।
1.रामबाबू नीरव
2.उदय सिंह करुणाकर
3.संजय चौधरी
4.स्वतंत्र सांडिल्य
5.प्रकाश मोहन मिश्र
6.गौतम वात्स्यायन
7.राहुल चौधरी
8.सुरेश वर्मा
उपरोक्त उच्च कोटी के सर्जक के संग कविता वाचन करने में एक अलग आनंद का अनुभव हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र छात्राओं के संस्कार और मधुर व्यवहार के संग संग उनके चेतना में अंतर्निहित उत्साह के तिब्रता और व्यक्तित्व की दिव्यता अद्वितीय और प्रसंशसनीय लगा। आयोजक राहुल चौधरी जी के मधुर व्यवहार हमारे लिए अविश्मरणीय रहेगा। उद्घोषक के रूप में गौतम सर की भूमिका अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहा था। पूरे कार्यक्रम में एक पल के लिए भी उदासी को अवसर नहीं मिला। चुटकुले, सायरी और हास्य व्यंग कविताओं की झड़ी ने माहौल को आनंदित बनाए रखा। साथही नेपाल भारत बीच के व्यवहारिक संबंधों को साहित्यिक सम्मेलनों के द्वारा मजबूत करने की बात भी हुई। हमारा अभियान भी जनकपुर को भारतीय कवियों, साहित्यकारों से जोड़ना है। पुनः अपनी सांस्कृतिक विरासत को विश्वव्यापी बनाना है। हम एक थें और एक रहेंगे।

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