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विशेष एवं दुर्लभ संयोग में शारदीय नवरात्र 2023 : आचार्य राधाकांत शास्त्री



*इस वर्ष 15 अक्टुबर 2023 रविवार को माँ भगवती (गज) हांथी पर सवार होकर आ रही है। और 24 अक्टूबर मंगलवार को विजयादशमी होने से पैदल अपने चरणों से ही जाएंगी।*
*वैसे देवी दुर्गा का वाहन तो शेर होता है। लेक‍िन नवरात्र में मां पृथ्‍वी पर द‍िनों के अनुसार वाहन से आती हैं। और दिनों के अनुसार वाहन से जाती हैं। मान्‍यता है क‍ि देवी माँ जिस वाहन से आती हैं और जिस वाहन से जाती हैं, उसीका विशेष प्रभाव पृथ्वी पर पड़ता है, और उसका व‍िशेष महत्‍व होता है। देवीभागवत पुराण के अनुसार मां दुर्गा का आगमन एवं गमन आने वाले भविष्य की घटनाओं के बारे में संकेत देता है।*

*नवरात्र मे भगवती के आगमन और गमन के बारे मे देवीभागवत मे जो बताया गया है। वो इस प्रकार है-*

*देवी का आगमन:*????
*शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे।*
*गुरौ शुक्रे च डोलायां बुधे नौका प्रकी‌र्त्तिता ।।*
*जिसका फल इस प्रकार है।*????
*गजे च जलदा देवी क्षत्र भंग स्तुरंगमे।*
*नोकायां सर्वसिद्धि स्या ढोलायां मरणं ध्रुवम्।।*
????
*अर्थात् दुर्गा हाथी पर आने से अच्छी वर्षा होती है, घोड़े पर आने से राजाओं में युद्ध होता है। नाव पर आने से सब कार्यों में सिद्ध मिलती है और यदि डोले पर आती है तो उस वर्ष में अनेक कारणों से बहुत लोगों की मृत्यु होती है।*

*इसी प्रकार भगवती के गमन के लिए ये श्लोक है।*????
*शशि सूर्य दिने यदि सा विजया,* *महिषागमने रुज शोककरा।*
*शनि भौमदिने यदि सा विजया चरणायुध यानि करी विकला।।*
*बुधशुक्र दिने यदि सा विजया गज वाहन गा शुभ वृष्टिकरा।*
*सुरराजगुरौ यदि सा विजया नरवाहन गा शुभ सौख्य करा॥*

*अर्थात:- भगवती रविवार और सोमवार को महिषा (भैंसा)की सवारी से जाती है जिससे देश में रोग और शोक की वृद्धि होती है। शनि और मंगल को पैदल जाती हैं जिससे विकलता की वृद्धि होती है। बुध और शुक्र दिन में भगवती हाथी पर जाती हैं। इससे वृष्टि वृद्धि होती है। बृहस्पति वार को भगवती मनुष्य की सवारी से जाती हैं। जो सुख और सौख्य की वृद्धि करती है।इस प्रकार भगवती का आना जाना शुभ और अशुभ फल सूचक हैं। इस फल का प्रभाव यजमान पर ही नहीं, पूरे राष्ट्र पर पड़ता हैं।*

*इस बार माता जी का आगमन हांथी पर पूरे जनमानस लिये बहुत अच्छा माना जाएगा, हांथी पर आगमन जल, वृष्टि, अन्न धन की प्राप्ति तथा विभिन्न प्रकार के रोग शोक निवारक हो सकता है।*

*किंतु इस वर्ष मंगलवार के दिन विजया दशमी है, जिससे विकलता की वृद्धि होती है। राष्ट्र मंत्रालय और समस्त प्रजा के लिए विकलता, दुर्बलता और सोच समझ में कमी के कारण स्व विवेक से उचित निर्णय लेने में कमी से समस्त राष्ट्र पर दुर्बलता मंडराने या दुर्बल या अयोग्य व्यक्ति के निर्णायक पद मिल जाने से पूरे राष्ट्र पर संकट आने की संभावना रहती हैं।*

*अतः उपरोक्त दोष निवारण के लिए और अपने साथ साथ पूरे राष्ट्र को बचाने के लिए इस वर्ष भी खास कर हाँथ में कलश लिए, शांत रूप में शेर के आगे खड़ी माता जी के स्वरूप का दर्शन पूजन करना सभी समस्याओं और सभी व्याधियों से छुटकारा दिलाने वाला होगा। इस रूप में माता जी की स्थापना, पूजन सबके लिए शुभद सुखद एवं मंगलमय होगा। और माता जगदम्बा सबकी सभी मनोकामना पूर्ण करेंगी।*
*बडे ही सौभाग्य से इस बार रविवार को प्रातः 6:31 से चित्रा नक्षत्र में वैधृति एवं विषकुंभ योग का संयोग अत्यंत ही शुभद है। और फिर 10 दिन का संपूर्ण नव रात की नवरात्र व्रत 24 अक्टूबर मंगलवार को विजयादशमी सबके लिए शुभद एवं प्रसन्नतादायक होगा।*
*इस बार के शारदीय नवरात्र पूजन से भक्तों को अत्यंत ही शुभ फलों की प्राप्ति होगी । वहीं इस बार पूरे 10 दिनों पूर्ण नवरात्र में माँ अम्बे की पूजा-अर्चना अत्यंत ही शुभद् होगी, जबकि दसवें दिन मंगलवार को माँ की विधि-विधान के साथ पूजन कर जयंती ग्रहण कर नवरात्र व्रत का पारण किया जाएगा।*

1, *शारदीय नवरात्र 2023 कलश स्थापना एवं माता शैलपुत्री पूजन :-15/10/ 2023 रविवार को प्रातः 7:03 से सुर्यास्त तक अच्छा है। इसमे प्रथम मुहूर्त प्रातः 6:31 बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक भी श्रेष्ठ है।*

*जबकि:- ???? विशेष अभिजीत मुहूर्त :- दिन में – 11:35 से 12:23 तक सर्वोत्तम रहेगा।*

2, *द्वितीय दिन ब्रह्मचारिणी पूजन :- 16/10/2023 सोमवार को शुभ होगा।*

3, *तृतीय दिन चन्द्रघण्टा पूजन :- 17/10/2023 मंगलवार को शुभ है।*

4, *चतुर्थी कुष्मांडा पूजन :- 18/10/2023 बुधवार को शुभ होगा।*

5,- *पंचमी स्कंदमाता पूजन :- 19/10/2023 गुरुवार को शुभ है।*
6, *षष्ठी कात्यायनी पूजन:- 20/10/2023 शुक्रवार को शुभ है, और इसी दिन अपराह्न 2 बजे से सायं 6 बजे तक कभी भी बिलवाभिमंत्रण पूजन सबके लिए शुभ होगा।*

7, *महासप्तमी कालरात्रि पूजन, डोली यात्रा, नवपत्रिका प्रवेश, मूर्ति प्राणप्रतिष्ठा एवं पट प्रदर्शन :- 21/10/2023 शनिवार को किया जाएगा। और दिन भर के पूजन के बाद आज रात्रि 11:00 बजे से रात्रि 1:30 तक महानिशा पूजन किया जाएगा।*

8, *महाअष्टमी व्रत पूजन, महागौरी पूजन एवं कुमारिका पूजन:- 22/10/2023 रविवार को किया जाएगा। जबकि आज ही दिन सायं 5:25 बजे से दुर्गा नवमी में नवरात्र हवन में दुर्गा मंत्र से हवन प्रारंभ हो जायेगा।*

9, *महानवमी व्रत पूजन, दुर्गा नवमी एवं नवरात्र हवन:- 23/10/2023 मंगलवार को व्रत पूजन एवं प्रातः से दिन के 3:10 बजे तक नवरात्र व्रत का हवन पूर्णाहुति किया जाएगा।*

10, *दशमी पूजन विजया दशमी, जयंती ग्रहण शमी पूजन, अपराजिता पूजन, उत्तर पूजन एवं नवरात्र व्रत का पारण :- 24/10/2023, मंगलवार को प्रातः 6 बजे से पूर्वाह्न 11:50 बजे तक दशमी पूजन, शमी पूजन, जयंती ग्रहण, देवी विसर्जन पूर्वक नवरात्र व्रत का पारण किया जाएगा।*
*इस वर्ष बुधवार के प्रातः हांथी पर माता जी का गमन उत्तम वृष्टि एवं अन्न धन की परिपूर्णता, सबके जीवन मे प्रसन्नता, उत्तम आयु आरोग्यता के साथ सबके मार्ग प्रसस्त करे और आने वाले समयों में सबका जीवन सुखमय तथा मंगलमय हो।*
*इस वर्ष का शारदीय नवरात्र सभी मातृ भक्तों के लिए सुखद , शुभद, एवं मंगलमय हो….!*
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*✒✍???? ✒✍????*
*हरि ॐ गुरु देव*

ज्योतिषाचार्य आचार्य राधाकान्त शास्त्री*
*व्हाट्सअप एवं संपर्क:-*
*9934428775*
*9431093636*

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*पदेन:-*
*हिंदी – संस्कृत सहायक शिक्षक:- राजकीयकृत युगल प्रसाद +2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैसही, चनपटिया, बेतिया बिहार*
*विशेष संपर्क:-*????
*9934428775*
*9431093636*
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*व्हाट्सअप एवं चल दूरभाष से:-*
*????(अहर्निशं सेवा महे)????*
*व्हाट्सएप से हर समय आपके सेवा में:-*
*जबकि:- वार्तालाप का संपर्क समय:- प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक एवं सायं 4 बजे से रात्रि 10 बजे तक।*
*!!भवेत् सर्वेषां सर्वदा शुभ मंगलम्!!*



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