ईरान में 17 साल के किशोर को फांसी
नवम्बर 26/11/23
ईरान में नाबालिगों को फांसी देना जारी है। इस बीच, शनिवार को एक और 17 साल के एक किशोर को फांसी दे दी गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हामिद्रेजा अजारी को रजावी खुरासान प्रांत के पूर्वी शहर सब्जेवर जेल में फांसी दी गई। अजारी पर हत्या का आरोप है। अजारी अपने परिवार का इकलौता औलाद था। वह स्क्रैप वर्कर के रूप में काम करता था। मई में 16 साल की उम्र में उसने एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी, जिसे फांसी की सजा सुनाई गई। मानवाधिकार संस्थाओं ने फांसी को संयुक्त राष्ट्र के कन्वेंशन का उल्लंघन बताया है।
ईरान की मानावधिकार संस्था का कहना है कि ईरान उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जो बाल दोषियों को मौत की सजा देता है। यहां अन्य देशों की तुलना में कहीं अधिक फांसी दी जाती है। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल में अब तक ईरान में 684 नाबालिगों को फांसी दी जा चुकी है। ईरानी मीडिया के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया गया है और सवालों से बचने के लिए बालक की उम्र 18 वर्ष बताई गई।

