धनुषा के सतलोक आश्रम में 13 जोड़ों का सामूहिक आदर्श एवं अंतरजातीय विवाह संपन्न
जनकपुरधाम.28 नवम्बर
धनुषा के मिथिला नगर पालिका-2 स्थित सतलोक आश्रम में 13 जोड़ों का सामूहिक आदर्श एवं अंतरजातीय विवाह संपन्न हुआ। संत रामपाल महाराज द्वारा स्थापित आश्रम में 510वें तीन दिवसीय दिव्य धर्म यज्ञ के अवसर पर सोमवार को 13 जोड़ों का विवाह कराया गया।
संत रामपाल के अनुयायी ईश्वरदत्त भट्ट ने बताया कि असुर निकंद रमेनी मंत्र का जाप कर 17 मिनट में 13 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। उनके मुताबिक, जिन जोड़ों की शादी हुई उनमें चार जोड़े नेपाल के हैं और 9 जोड़े भारत के हैं. रमेणी मंत्र के जाप के बाद 17 मिनट में असुर निकंदन संपन्न हो जाता है, इसलिए इसे रमेणी विवाह भी कहा जाता है।
यह विवाह पूर्णतः आदर्श एवं दहेज मुक्त है। भट्ट का कहना है कि अंतरजातीय या अंतर्जातीय विवाह से पहले सभी जोड़ों के माता-पिता की अनुमति और उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए.
आश्रम ने बताया कि रविवार से चल रहे तीन दिवसीय दिव्य धर्म यज्ञ के दौरान शांत गरीब दासज महाराज का अमरवाणी अखंड पाठ, रक्तदान शिविर, विशाल भंडारा और दहेज मुक्त विवाह कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं.

