संत शिरोमणि रवि दास की 647वीं जयंती मनायी गयी
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । संत शिरोमणि रवि दास की 647वीं जयंती प्रकाश महरा की अध्यक्षता में जनकपुरधाम के बारहवीघा मैदान में धूमधाम से मनायी गयी।इस जयंती समारोह में प्रमुख अतिथि मधेश प्रदेश के प्रदेश सभापति राम चंद्र मंडल थे। प्रमुख अतिथि पद से बोलते हुए उन्होंने कहा कि नेपाल में चमार की आवादी 3लाख93हजार 255हैजो संपूर्ण जनसंख्या कए1.35प्रतिशत है। लेकिन सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ा है। साक्षरता न्यून हैं। चमार जाति में अभी भी , छुआ-छूत अंधविश्वास, नशा पान कायम है।इसे दूर करने के लिए जन चेतना लाना होगा।राम चंद्र मंडल ने कहा कि 15 वीं सदी में जन्मे रै दास ने समाज में छुआ-छूत, अंधविश्वास तथा पाखंड को समाप्त करने के लिए अपनी दोहा ,भजनसे जागृत करने का काम किया।मन चंगा तो कटौती में गंगा।यह उक्ति आज जनमानस में काफी प्रचलित है।आज उनके मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। सभापति मंडल ने कहा कि एक रोटी कम खाए, लेकिन बच्चों को पढ़ाए। उन्होंने कहा कि जव तक भारत की तरह चमार सहित सभी दलित को आरक्षण नहीं मिलेगा। दलित समाज का विकास नहीं होगा।आज पहले की तरह दलित में छुआ-छूत नहीं है लेकिन अभी भी विभेद कायम है। कार्यक्रम में सहायक मंत्री संजय कुमार यादव, बिधायक लखन दास , राम नाथ महरा,विपत्ति मानव, दिनेश पूर्वे सहित कई लोग मौजूद थे। रवि दास जयंती में गांव गांव से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचे थे।


