बहुलराष्ट्रीय राज्य स्थापनार्थ राष्ट्रीय मुक्ति क्रान्ति द्वारा “बृहत् संवादात्मक कार्यक्रम”का आयोजन
काठमांडू, फागुन २६ – आज २०८० फागुन २६ गते शनिवार बहुलराष्ट्रीय राज्य स्थापनार्थ राष्ट्रीय मुक्ति क्रान्ति को लेकर जनकपुरधाम के उद्योग वाणिज्य संघ के सभा हॉल में “बृहत् संवादात्मक कार्यक्रम “मधेश ब्यूरो के आयोजना में समपन्न हुआ है । कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि राजेन्द्र महतो ने कहा कि अव मधेशी ने मधेशवाद से लेकर स्वदेशवाद तक के यात्रा तय करेगी । जनकपुर सदियांै से शक्ति का केन्द्र रहा है और सदा रहेगा । ३ करोड़ नेपाली जनता और विभिन्न राष्ट्रीयता के लिए नेपाली जनता गर्व और सम्मान करने करने के लिए बहुलराष्ट्रीय राज्य की स्थापना करन के अभियान में लगे हुए हैं । इसी तहर कार्यक्रम में दर्शनशास्त्री तथा क्रान्तिकारी नेता बुद्ध छिरिङ मोक्तान ने कहा कि उदारवाद और मार्क्सवाद ने हमारे सभ्यता और संस्कृति को ही नहीं वरन जीवन और जगत दोनों संकट में में ला दिया है ।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय मुक्ति क्रान्ति के नेता केशव झा ने कहा कि हम मधेशी हमेशा अकेले ही लड़ते आए हैं और शासकवर्ग ने आदिवासी जनजाति संग एक नहीं होने दिया । शासकवर्ग ने डिभाइड एन्ड रुल के पॉलिसी अपनाकर हमें कमजोर बनाया । इस कारण अब इस देश में रहे सभी उत्पीडि़त जातजाति और समुदायों को एक होकर संघर्ष करने के अलावे कोई दूसरा विकल्प नहीं है ।
कार्यक्रम में पूर्वमन्त्री तथा संविधानसभा सदस्य राम नरेश राय, राजीव झा, सि. एन थारु, सुमन सायमी, रविन्द्र श्रेष्ठ , कमला गुरुङ, आर के तामाङ, बुद्धिजिवि महारुद्र झा, डा. विनोद साह, पवन मण्डल, विभिन्न जिलाओं से आए नेता सन्तोष मेहता, चन्द्र प्रसाद राजवंशी , दिपेन्द्र चौधरी , कौशल सिंह, राम ज्ञान् मण्डल , दिपक यादव, रमन पाण्डे, विनोद साह, रामबाबु कलवार, नेजामुदिन समानि ने भी अपने अपने मन्तव्यों को रखा था । कार्यक्रम का संचालन संजय चौधरी ने किया था ।




