शिक्षा मंत्री श्रेष्ठ ने त्रिवि में अनियमितता में संलग्न लोगों के खिलाफ हो रहे जांच का विवरण मांगा
23 चैत, काठमांडू।

शिक्षा मंत्री सुमना श्रेष्ठ त्रिभुवन विश्वविद्यालय में हाल की चार अव्यवस्थित घटनाओं में रुचि रखते हुए उन्होंने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण मांगा है।
मंत्री श्रेष्ठ ने कहा कि अनियमितताओं और अनियमितताओं के कारण विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा गिरी है । उन्होंने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ की गई जांच और कार्रवाई का विवरण मांगा है।
उन्होंने जनसंख्या एवं स्वास्थ्य एवं शिक्षा विषय की गायब उत्तर पुस्तिका का ब्योरा मांगा है. पिछले बैसाख में संपन्न हुई परीक्षा की उत्तर पुस्तिका खो जाने के बाद त्रिभुवन विश्वविद्यालय कुछ विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा में शामिल करा रहा है।
उन्होंने उत्तर पुस्तिका गायब होने की घटना की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय जांच समिति का विवरण भी दिया है. उन्होंने पत्र में लिखा, ”उक्त समिति द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने सहित संबंधित प्रक्रिया में शामिल दोषियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है?”
विश्वविद्यालय के मानविकी एवं समाजशास्त्र संकाय के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र के प्रश्नपत्र में एक ही प्रश्न दो स्थानों पर पूछा गया था। उन्होंने प्रश्नपत्र तैयार करने के मामले में की गयी कार्रवाई की प्रगति का ब्योरा भी मांगा है.
इसी तरह उन्होंने इंजीनियरिंग संकाय के ऑटोमोबाइल विषय के पुराने कोर्स से पूछे जा रहे प्रश्न को लेकर की गई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा है। पत्र में कहा गया है, ‘उक्त प्रक्रिया में शामिल जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं? लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर किस तरह की कार्रवाई की जा रही है?
उन्होंने कहा कि एकेडमिक कैलेंडर लागू नहीं होने के कारण निर्धारित समय पर पढ़ाई, परीक्षा देना और रिजल्ट प्राप्त करना संभव नहीं हो पा रहा है और छात्रों का समय बर्बाद हो रहा है.
उन्होंने पत्र में कहा, ”शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार समय पर प्रकाशन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा रहा है?” उन्होंने पत्र में कहा, ”घटनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए क्या किया जा रहा है?” इन घटनाओं से छात्रों को हुए नुकसान की भरपाई कैसे होगी?’

