Sat. May 2nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपालगञ्ज में सभासदों के साथ सार्वजनिक सुनुवाई

 

1बाँके जिला से प्रतिनिधित्व करने वाले सभासदों ने समय सीमा के अन्दर ही नयाँ संबिधान जारी होगा बताया है ।
समय सीमा के अन्दर ही संबिधान जारी होगी इस बातों पर सर्बत्र आशँका पैदा हो रही है  नेपालगञ्ज में असोज १४ गते आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात बताए है ।
बास, डेक नेपाल, गैसस महासँघ, समर्पण, जिला यूवा क्लब सञ्जाल, राष्ट्रीय यूवा महासंघ नेपाल, सामाजिक सम्बाद के लिये सहकार्य, फातिमा फाउण्डेसन, रुसुफ नेपाल, के.आई नेपाल लगाएत के सँघ, सँस्थाए के आयोजन में नेपालगञ्ज में सम्पन्न जनता के साथ सम्वाद बिषयक सार्वजनिक सुनुवाई में सरोकारवाला के रुप में सहभागी संबिधानसभा सदस्यों ने समय सीमा के अन्दर में ही संबिधान आने में शंका करना ही नही है बताया ।
संबिधानसभा के सदस्य दल बहादुर सुनार ने संबिधान निर्माण की ८० प्रतिशत काम पुरी हो चुकी है और बाँकी २० प्रतिशत काम पूरा करने के लियें तीब्र गति में काम हो रही है बताया ।
2  इसी तरह दूसरे संबिधानसभा सदस्य देवराज भार ने संबिधानसभा सहमति के आधार में बनायी गई नियमावली और कार्यतालिका अनुरुप समाधान नही होसका है बिबादित बिषयों को  सुल्झाने में बिभिन्न बिषयगत समितिया“ सक्रिय भी रही है बताया । उन्हों ने बिगतों में क्या हुआ  उस तर्फ न जाकर २०७१ माघ ८ गते के अन्दर ही संबिधान आने बातों में दो मत नही है बताया । प्रजातान्त्र्रिक प्रकृयाओं से  बिबादित बिषय को समाधान की प्रयास होगी, वो भी सो सम्भव ाह िहुआ तो बहुमत के आधार में संबिधान जारी होगी बताया ।
इसी तरह संबिधानसभा सदस्य अञ्जना चौधरी ने समय सीमा के अन्दर ही संबिधान आने बातों पर शंका नही है तो भी अच्छी संबिधान आने की बातों पर शँका रही है उल्लेख करते हुये समय सीमा के अन्दर ही अच्छीे संबिधान जारी करने में सभी लोगों को सचेत होने के लियें बतायी ।
कार्यक्रम के दर्जनौं सहभागीयों ने संबिधान निर्माण के बिभिन्न बिषयों रि प्रश्न किया था और सभासदें ने जवाफ दिया था । करीब दो घण्टा तक चली दोहोरा सम्बाद में सहभागियों ने  सभासदें को समय सीमा के अन्दर में ही संबिधान जारी करने की महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह करनेके लियें  सुझाव दिया था ।
बास के कार्यकारी निर्देशक नमस्कार शाह ने सञ्चालन किया सार्वजनिक सुनुवाई के अन्त में ५ बुँदे की साझा सार्वजनिक प्रतिबद्धता घोषणा भी किया था । जिस में समय सीमा के अन्दर में ही   संबिधान जारी करने पर महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह करना, नागरिकों की निरन्तर सुझाव लेकर  जनमैत्री संबिधान निर्माण करने में क्रियाशिल रहें, नई बन्ने वाली संबिधान में पिछे पडे, पिछे कियें  वर्गो को अधिकार सुनिश्चित करने के लियें प्रयास करेें, सुशासन, जावफदेहिता और पारदर्शिता के लिउें कटिबद्ध रहे, अपाँगता रहे व्यक्तियों की हक अधिकार स्थापित करने के लियें अपाँगता आयोग गठन के लियें पैरबी रही है बास के प्रवक्ता हेमराज भट्ट ने जानकारी दी ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *