गांधी मैदान में अफवाह फैली और लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए
पटना ,४ अक्टुबर। बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में शुक्रवार की शाम रावण दहन के बाद हुई भगदड़ में मरने वालों की तादाद बढ़कर 40 हो गई है। कल्ह शुक्रवार को करीब साढ़े छह बजे रावण दहन का कार्यक्रम खत्म हुआ। उसके फौरन बाद मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी वहां से निकले। पुलिस का पूरा अमला वीआईपी मूवमेंट को कंट्रोल करने में जुट गया। गांधी मैदान में छह गेट हैं। पांच को बंद कर आम लोगों के लिए सिर्फ एक गेट खोला गया था। वह भी आधा ही। गेट पर छोटा गड्ढा था और हाईमास्ट लाइट भी खराब थी। लोगों के निकलते समय एक महिला वहां गिर गई। उसे उठाने को चार-पांच लोग झुके। इतने में पीछे से भीड़ आ गई और भगदड़ मच गई।
परत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रावण दहन के बाद दो लोग अफवाह फैला रहे थे कि बिजली का हाईटेंशन तार मैदान में गिर गया है और करंट फैलने लगा है। लोग भागने लगे। भीड़ काफी ज्यादा थी। ऐसे में लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए।
चार माह के बच्चे को बचाने में मां नहीं बची
रिंटू शर्मा की पत्नी पुष्पा देवी अपने चार माह के बच्चे को लेकर बहनोई के साथ रावण दहन देखने आई थी। वह मैदान से निकलने लगी। तभी किसी ने पीछे से धक्का दे दिया। जब तक वह संभल पाती जमीन पर थी। पुष्पा ने बच्चे को बहनोई के हाथ में दे दिया, लेकिन खुद नहीं निकल सकी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ऐसे ही एक डेढ़ साल की बच्ची पीएमसीएच अस्पताल में मौत से लड़ रही है। उसके माता-पिता जिंदा हैं या उनकी मौत हो गई, कुछ पता नहीं।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ पटना मेडिकल कॉलेज
हादसे में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज लाया गया। पटना मेडिकल कॉलेज पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। घायलों के परिजन गुस्से में है। मेडिकल कॉलेज के बाहर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हो रही है। भाजपा सांसद रामकृपाल यादव ने इसके लिए राज्य
सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। रामकृपाल यादव ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व छठ के अवसर पर हुई घटना से भी राज्य सरकार ने सीख नहीं ली, जिसके कारण यह घटना हुई। कांग्रेस नेता शकील अहमद ने भी इस घटना के लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराया है।

