जनमत पत्रिका की ६० वीं श्रृङ्खला में ४१ लोगों ने रक्तदान किया
नेपालगञ्ज/(बाँके) । बाँके जिला के नेपालगञ्ज से प्रकाशित जनमत अद्र्ध साप्ताहिक पत्रिका और एसओएस युवालय नेपालगञ्ज की संयुक्त आयोजन में और नेपाल स्वयम्सेवी रक्तदाता समाज बाँके जिला कार्यसमिति की समन्वय में त्रैमासिक रक्तदान कार्यक्रम में चार सञ्चारकर्मी तथा सात महिला सहित ४१ लोगों ने जेष्ठ ३१ गते बिहीवार को रक्तदान किया ।
२०वीं बिश्व रक्तदाता दिवस तथा ३८ वीं अन्र्तराष्ट्रीय एस.ओ.एस. दिवस के पर रक्तदान कार्यक्रम की आयोजन किया गया था ।
जेष्ठ ३१ गते विहीवार को आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में पत्रकार, व्यवसायी, शिक्षक, खेलाडी लगायत नियमित स्वयम्सेवी रक्तदाताओं ने रक्तदान किया था ।
बाँके जिला खजुरा गाँव पालिका की खजुरा बाजार स्थित खजुरा क्यान्सर अस्पताल के वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डा. सुभाष मेहता, वरिष्ठ पत्रकार झलक गैरे और एसओएस युवालय नेपालगञ्ज के नायव निर्देशक तुलाराम विश्वास ने संयुक्त रुप में प्रादेशिक रक्त सञ्चार सेवा केन्द्र के प्राविधिक होमराज गिरी, सन्दिप आचार्य और पूनम राना को खून संकलन करनेवाली पाकेट हस्तान्तरण करके कार्यक्रम की शुरुवात किया था ।
उसी कार्यक्रम के वीच में उसी दिन १०० वींं पटक रक्तदान करनेवाले पत्रकार तथा रक्त अभियन्ता पवन जायसवाल को “शतक रक्तदाता” के रुप में सम्मान किया गया था । उन को नेपाल स्वयम्सेवी रक्तदाता समाज बाँके जिला की अध्यक्ष दिला शाह, जनमत अद्र्ध साप्ताहिक के सम्पादक पूर्णलाल चुके, नेपाल स्वयम्सेवी रक्तदाता समाज बाँके के सल्लाहकारद्वय दैनिक नेपालगञ्ज पत्रिका के के सम्पादक झलक गैरे, अन्नपूर्ण पोष्ट दैनिक के प्रदेश प्रमुख तथा मेरो खुशी डट कम के सम्पादक शंकर प्रसाद खनाल ने संयुक्त स्प में दोसल्ला ओडाकर “शतक रक्तदाता” के रुप में सम्मान किया था । “रक्तदान जीवन दान” की महान उद्देश्य के साथ बि.सं. २०४६ साल असोज महीने के ४ गते से बाँके जिला और बर्दिया जिला के विभिन्न जगह में जाकर निरन्तर रुप में रक्तदान करते आ रहें हैं ।
इसी तरह कार्यक्रम में रक्तदान की महान अभियान में हाथ में काँध में मिलाकर सहकार्य करनेवाले सिद्धबाबा हार्डवेयर तथा स्टार पोेलिपाइप प्रा.लि., नेपालगञ्ज उप–महानगरपालिका वार्ड नं. १८ के सञ्चालक तथा स्वयम्सेवी रक्तदाता तथा समाजसेवी कमल कार्की और ६० वींं श्रङ्खला तक निरन्तर रुप में प्राविधिक सहयोग करनेवाले प्रादेशिक रक्त सञ्चार केन्द्र नेपालगञ्ज के प्रमुख उपेन्द्र रेग्मी को कार्यक्रम में सहयोग पहँचाया इस लिये योगदान की कदर करते हुये प्रशंसा– पत्र प्रदान किया गया था ।
जनमत की रजत वर्ष–२०६३ से “रक्तदान जीवनदान” उद्देश्य की साथ नियमित रुप में सञ्चालित “त्रैमासिक रक्तदान कार्यक्रम” की ६० वीं श्रृङ्खला में रक्तदान करनेवालों में नेपाल स्वयम्सेवी रक्तदाता समाज बाँके के सल्लाहकारों में दैनिक नेपालगन्ज के सम्पादक झलक गैरे, अन्नपूर्ण पोष्ट दैनिकका प्रदेश प्रमुख तथा मेरो खुशी डट कम के सम्पादक शंकर प्रसाद खनाल और शतक रक्तदाता पवन जायसवाल, राप्तीसोनारी गावँपालिका नेपाल स्वसम्सेवी रक्तदाता समाज राप्ती सोनारी के सल्लाहकार तथा वार्ड नं.६ के वडाध्यक्ष लवराज खरेल, एसओएस युवालय नेपालगन्ज की सहायक निर्देशक मीना भुषाल (तुलाधर) और लक्ष्मण काकी ने रक्तदान किाय था ।
इसी तरह वह कार्यक्रम में नियमित रक्तदाता लक्ष्मण कुमार वैश्य, नीरजमान श्रेष्ठ, विनोद कुमार वैश्य, पवन कुमार वैश्य, गौतम प्रसाद पौडेल, नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बाँके के चालक वीरेन्द्र योगी, नेपाल स्वयंसेवी रक्तदाता समाज बाँके के सदस्य तथा प्राविधिक होमराज गिरी, कोषाध्यक्ष मनमोहन वर्मा, पत्रकार खम्ब प्रसाद पुन ने रक्तदान किया था ।
अइसे ही वह रक्तदान कार्यक्रम में एसओएस युवालय नेपालगञ्ज के प्राङ्गण में आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में राम सुहावन सोनकर, कृपा हास्पिटल नेपालगञ्ज के लेखापाल धीरज सिंह, नीरजमान श्रेष्ठ, राम र्इंट्टा उद्योग कोहलपुर के बिनोद कुमार तमोली, दिपक कुमार जायसवाल, दिपक शाही, एस ओ.एस. युवालय के दर्शना चौधरी, लक्ष्मी नायक, कृष्ण प्रसाद ओली, श्याम बहादुर थारु, सुमन बडुवाल, सुरज ओली, सरस्वती नेपाली, अनन्या शाक्य, दिपा सापकोटा ने रक्रदान किया था । वह कार्यक्रम में विजय प्रसाद मौर्य, शान्ति स्वीट्स के दिनेश प्रसाद तमोली, उर्दू साहित्यकार असफाक संघर्ष, खिम कुँवर, रुस्तम अली इद्रिसी, शिक्षक अशोक कुमार मौर्य, हीरालाल मौर्य, स्वास्थ्यकर्मी धमेन्द्र सिंह, भागीराम चौधरी, रोमान शाही, सञ्जिव योगी, सुरेन्द्र बिश्वकर्मा लगायत ४१ लोगों ने रक्तदान किया था ।
प्रादेशिक रक्त सञ्चार केन्द्र के प्रमुख उपेन्द्र रेग्मी, सन्दिप आचार्य, दिनेश रोकाया, पूनम राना, केशर सिंह डाँगी, वीरेन्द्र योगी ने प्राविधिक सहयोग और अन्य में निखिल जायसवाल सहयोग किया था ।
वि.सं. २०६३ साल वैशाख २९ गते से निरन्तर रुप में आयोजन करते आई त्रैमासिक रक्तदान कार्यक्रम में ६० वीं श्रृङ्खला तक करीब तीन हजार पाँच सय पिन्ट से अधिक स्वयम्सेवी रक्तदाताओं ने रक्तदान कर चुके हैं ।
स्वास्थ्य विज्ञान के कहने के मुताबिक नियमित रक्तदान करनेवाले पुरुषों में होनेवाली आइरन ओभर लोड कम होना और हृदयाघात होने की सम्भावना ८८ प्रतिशत कम होती है । आइरन अधिक होन की कारण से नियमित रक्तदान करनेवाले पुरुषों में मधुमेह और क्यान्सर रोग होने की सम्भावना कम होती है । इस लिये रक्तदान करने के बाद शरीर में नई रक्त कोशिकाएँ बनती है, रक्त प्रणाली पुनर्ताजगी होती है और रक्तदान जितना किया गया है वह रगत की मात्रा ४ साता के अन्दर तयार होती है इस लिए हरेक तीन महीने की अन्तर में रक्तदान करने से शारीरिक रुप में भी स्फुर्ती आती है ।
वह रक्तदान कार्यक्रम में एसओएस युवालय नेपालगञ्ज के नायव निर्देशक तुलाराम विश्वास, सहायक निर्देशक द्वय मीना तुलाधर( भुषाल(, लक्षमण काकी), नेपाल स्वयम्सेवी रक्तदाता समाज बाँके के कोषाध्यक्ष मन मोहन वर्मा, सचिव भिष्म लोध, कार्यक्रम संयोजक पवन जायसवाल सिद्धबाबा हार्डवेयर प्रालि के सञ्चालक तथा उद्योगी व्यवसायी तथा कर्मचारियों की सहभागिता रही थी जनमत के सम्पादक पूर्णलाल चुके ने जानकारी दी ।



