Mon. Sep 7th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

मोहम्मद यूनुस ने ली बांग्लादेश के पीएम की शपथ 

 

काठमांडू, सावन २५ –बांग्लादेश में इस समय हालात काबू में नहीं है, देश में अब अंतरिम सरकार बनाई गई है जिसकी जिम्मेदारी मोहम्मद यूनुस ने संभाली है। हालांकि, उनके प्रधानमंत्री बनने के फौरन बाद उन्हें पश्चिम बंगाल से ५० से ज्यादा पत्र मिले हैं, जिनमें उन से सुरक्षा को लेकर अपील की गई है।
बांग्लादेश में छिड़े संग्राम के बाद देश में हर तरफ उथल   पुथल मची हुई थी, जिसके बाद अब देश में अंतरिम सरकार बनाई गई है, जिसकी कमान नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद युनुस ने संभाली, उन्होंने गुरुवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। राजधानी ढाका में राष्ट्रपति के सरकारी आवास में शपथ ग्रहण समारोह हुआ। पीएम युनुस के साथ  साथ १६  और सहयोगियों ने भी शपथ ली है जिसमें २ महिलाओं और २ हिंदुओं को भी शामिल किया गया है।

यह भी पढें   बाढ़ ने छीन लिया बचपन: रसुवा में भाई-बहनों और अपनों की तलाश में भटक रहे बच्चे

जैसे ही मोहम्मद युनुस ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, वैसे ही कुछ ऐसा हुआ जो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा, इधर वो प्रधानमंत्री की गद्दी पर काबिज हुए, उधर पश्चिम बंगाल से उन्हें ५०  से ज्यादा पत्र आ गए।

पत्र में  कहा गया कि पिछले दिनों देश में आंदोलन के चलते हालात काफी बिगड़ गए थे, जिस दौरान हिन्दू लोगों के घर भी तोड़े गए, लूटपाट की गई और आग तक लगा दी गई। देश में कई पुलिस थानों में आग लगाई गई और व्यवस्था बिल्कुल चरमरा गई थी, जिसके चलते ही पत्र में कहा गया, वैसे तो बांग्लादेश के लोग तय करेंगे कि देश में किस तरह का राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व आएगा, लेकिन हम प्रशासन और बांग्लादेश के आम लोगों, खासकर छात्र, जो आरक्षण विरोधी और भेदभाव विरोधी आंदोलन के जरिए यह बदलाव लेकर आये हैं, उन से अपील करते हैं कि वे हर बांग्लादेशी नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करें, चाहे उसका धर्म, राजनीतिक संबंध और पेशा कुछ भी हो।

यह भी पढें   क्या लोकतंत्र में सवाल पूछना गुनाह है ? गंदी गालियां, ट्रोलिंग और नेपाली समाज का मानसिक पतन : कृतिका यादव

इस पत्र में आगे कहा गया, बांग्लादेश में जिस तरह के हालात है और जो कुछ हुआ हम उससे काफी चिंतित है। बांग्लादेश पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए सिर्फ जगह के हिसाब से एक पड़ोसी देश नहीं है, बल्कि दिल से भी पड़ोसी है, क्योंकि हमारी भाषा, संस्कृति और इतिहास एक है। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में फिल्म निर्माता अपर्णा सेन, पवित्रा सरकार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अशोक गांगुली भी शामिल हैं। पत्र में उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई है साथ ही एक समुदाय द्वारा दूसरे समुदाय के पूजा स्थलों की रक्षा करने की घटनाओं की सराहना भी की है।

यह भी पढें   भोटेकोशी बाढ़ अपडेट – मृतकों की संख्या १, ३४४

 

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com