श्री हरिप्रबोधिनी एकादशी एवं तुलसी विवाह 12 नवंबर मंगलवार को किया जायेगा

आचार्य राधाकान्त शास्त्री *हरि प्रबोधिनी एकादशी 12 नवंबर मंगलवार को है और पारण 13 नवम्बर बुधवार को प्रातः 6:42 से प्रातः 9:33 तक किया जाएगा।*
जो कि सभी विष्णु भक्तों के लिए सभी व्रतों से अधिक शक्ति शाली और महत्वपूर्ण तथा शुभ है। किन्तु कुछ समाज को भ्रमित करने वाले लोग रेवती को को लेकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। जो सर्वथा निराधार है। रेवती का अर्ध चरण 3 व 4 चरण दोष पूर्ण है। जो 3 बजे के बाद से है।अतः बुधवार को दिन के आरंभ प्रथम प्रहार में प्रातः व्रत पारणा उत्तम है। और अगले दिन शुक्रवार को पारण करना श्रेष्ठ रहेगा।
शास्त्रों के अनुसार हरिप्रबोधिनी एकादशी महाव्रत करने का बहुत ही महत्वपूर्ण फल होता है। और इसमे कोई दोष नही होता, यह एकादशी व्रत आरम्भ के लिए भी अति श्रेष्ठ एवं विशेष फलदायी है। और इसी दिन रात्रि में तुलसी विवाह श्रेष्ठ होगा।
*श्रीहरिप्रबोधिनी एकादशी व्रत इस वर्ष 12 नवम्बर मंगलवार को किया जायेगा और पारण 13 नवम्बर बुधवार को सुर्योदय के बाद 9:33 तक करना है।*
*हरि ॐ गुरु देव*
*!ज्योतिषाचार्य!*
*आचार्य राधाकान्त शास्त्री*

