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रूस हर साल भारतीय नागरिकों को २०० छात्रवृत्तियाँ प्रदान करता है

विक्टर गोरेलीख
 

साक्षात्कार, हिमालिनी अंक नवंबर 924। भारत और रूस के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक सेतु बनाने के लिए अपने विभिन्न प्रयासों के माध्यम से काम कर रहा है । यह विशेष रूप से छात्रवृत्ति प्रदान करते हुए भारतीय छात्रों के लिए रूस में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करने के द्वार खोलता है । इन प्रयासों से, संगठन दोनों देशों के बीच सहयोग और आपसी समझ को मजबूत करना चाहता है । इन अवसरों के बारे में और अधिक जानने के लिए हाल ही में हिमालिनी पत्रिका, नेपाल के ब्यूरो प्रमुख–प्रो. एस.एस. डोगरा ने नई दिल्ली, भारत में रूसोत्रुद्निचेस्त्वो के शिक्षा विभाग के प्रमुख विक्टर गोरेलीख से बातचीत की । प्रस्तुत है बातचीत के अंशः

विक्टर गोरेलीख
विक्टर गोरेलीख

० कृपया अपने शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बारे में बताएं ।
– मैंने इतिहास और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में डिग्री प्राप्त की है और सांस्कृतिक दर्शन में डॉक्टरेट प्रोग्राम पूरा किया है । मेरी इतिहास, राजनीति, कूटनीति, साथ ही दर्शन और धर्म के क्षेत्रों में विशेष रूचि रही हैं । इन विषयों के अध्ययन ने मुझे सांस्कृतिक गतिशीलता को समझने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया है ।
० भारत में आपका अनुभव अब तक कैसा रहा है ?
– मैं पिछले दो वर्षों से भारत में हूँ, एक ऐसा देश जिसे मैंने लंबे समय से सराहा है । मेरे शैक्षणिक सफर में भारतीय इतिहास पर शोध–पत्र और एक थीसिस शामिल थे, हालांकि मेरे करियर के शुरुआती आठ साल विभिन्न अफ्रीकी देशों में बीते । अब, मैं यहां आकर बहुत खुश हूँ और अपनी पसंद के इस देश में आनंदित महसूस कर रहा हूँ । मैंने वाराणसी, ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून, आगरा, जयपुर, गोवा, चेन्नई, पुदुच्चेरी और महाबलीपुरम जैसे स्थानों का दौरा किया है और हर जगह नए लोगों से मिलकर विविध संस्कृति का अनुभव किया है ।
० आपकी वर्तमान भूमिका क्या है, और आपकी जिम्मेदारियाँ क्या हैं ?
– मैं भारत में रूसोत्रुद्निचेस्त्वो के प्रतिनिधि कार्यालय में शिक्षा विभाग का प्रमुख हूँ । रूसोत्रुद्निचेस्त्वो रूस की अंतर्राष्ट्रीय मानवीय सहयोग की एक संघीय एजेंसी है । भारत में हमारे प्रतिनिधि कार्यालय के अंतर्गत नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और त्रिवेंद्रम में पाँच रूसी हाउस आते हैं । मेरी मुख्य जिम्मेदारी रूस और भारत के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक सहयोग को बढ़ावा देना है ।
० दिल्ली में रूसोत्रुद्निचेस्त्वो की प्रमुख गतिविधियाँ कौन–कौन सी हैं ?
– हमारा मेन पÞmोकस रूसी भाषा और संस्कृति के प्रचार, शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग, और सामाजिक तथा अनुदान कार्यों के आयोजन पर है । हमारे कार्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भारतीय छात्रों को रूस में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए छात्रवृत्तियाँ प्रदान करना भी है ।
० क्या रूस में भारतीय छात्रों और शिक्षकों के लिए कोई विशेष छात्रवृत्ति उपलब्ध है ?
– हाँ, हम हर साल भारतीय नागरिकों को २०० छात्रवृत्तियाँ प्रदान करते हैं । ये छात्रवृत्तियाँ अध्ययन से संबंधित सभी खर्चों को कवर करती हैं, जिनमें प्रवेश और ट्यूशन शुल्क भी शामिल हैं । ये छात्रवृत्तियाँ चिकित्सा, फार्मेसी, इंजीनियरिंग, वास्तुकला, कृषि, प्रबंधन, अर्थशास्त्र, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, गणित, अंतरिक्ष विज्ञान, विमानन, खेल और कला सहित विभिन्न विषयों के लिए होती हैं । कुछ कार्यक्रम, विशेषकर चिकित्सा क्षेत्र में, अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाए जाते हैं । छात्र अपनी पसंद से स्नातक, मास्टर, मेडिकल रेजिडेंसी, और पीएच.डी. कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं, जो रूस में कैलिनिनग्राद से लेकर व्लादिवोस्तोक तक फैले हुए हैं, जिसमें मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग जैसे बड़े शहर भी शामिल हैं ।
जिन छात्रों को रूसी सीखने की आवश्यकता है, हम एक साल का तैयारी पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं, जो उन्हें उनके चुने हुए पाठ्यक्रम में शामिल होने से पहले भाषा सीखने में मदद करता है । रूसी सरकार की छात्रवृत्तियों के लिए सभी आवेदन हमारे केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म भमगअबतष्यल–ष्ल–च्गककष्ब।अयm के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जाते हैं ।
० इन छात्रवृत्तियों के लिए वर्तमान आवेदन अवधि कब है ?
– इस वर्ष की आवेदन अवधि ७ अक्टूबर, २०२४ से शुरू हुई है और १५ जनवरी, २०२५ तक खुली रहेगी । इच्छुक उम्मीदवार अपने आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं, इसके लिए किसी को व्यक्तिगत रूप से दस्तावेजÞ जमा करने या हमारे कार्यालय से संपर्क करने की आवश्यकता नहीं है ।

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