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अनधिकृत व्यापार नियंत्रण सम्बन्धित भारत-नेपाल अंतर-सरकारी समिति (आईजीसी) की बैठक समाप्त

 


काठमांडू, 12 जनवरी । व्यापार, पारगमन और अनधिकृत व्यापार को नियंत्रित करने के लिए सहयोग पर भारत-नेपाल अंतर-सरकारी समिति (आईजीसी) की बैठक 26-27 पौष 2081 को काठमांडू में आयोजित की गई।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिसका नेतृत्व भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय में वाणिज्य सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने किया। नेपाल के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों वाले नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नेपाल सरकार के उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के सचिव श्री गोविंद बहादुर कार्की ने किया।
व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय तंत्र आईजीसी की बैठक में द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों के सभी क्षेत्रों की विस्तार से समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने पारस्परिक बाजार पहुंच मुद्दों, आईपीआर और कर संबंधी मामलों की समीक्षा की। एजेंडे में पारगमन संधियों और व्यापार संधियों की समीक्षा, मौजूदा समझौतों में प्रस्तावित संशोधन, मानकों का समन्वय और रक्सौल-बीरगंज रेल लाइन के विद्युतीकरण सहित व्यापार बुनियादी ढांचे के समकालिक विकास पर चर्चा भी शामिल थी।
बैठक के दौरान भारतीय पक्ष ने बताया कि 200,000 मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति के लिए नेपाल के अनुरोध को मंजूरी दे दी गई है। नेपाली पक्ष ने नेपाल को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने में निरंतर सहयोग के लिए भारतीय पक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया।
नेपाली पक्ष के अनुरोध पर, भारतीय पक्ष ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के वर्तमान नियमों के अनुसार दो-धुरा वाहनों के लिए 18.5 टन और तीन-धुरा वाहनों के लिए 18.5 टन का अधिकतम धुरा भार की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की है। काकड़भिट्टा (नेपाल)-बांग्लाबंधा (बांग्लादेश) मार्ग पर फुलबारी (भारत) के रास्ते कार्गो-इन-ट्रांजिट के मामले में यह सहमति बनी कि वाहनों के लिए 28 टन एक्सल वजन सीमा नेपाली वाहनों पर भी लागू की जा सकती है। नेपाली पक्ष के अनुरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय पक्ष ने बताया कि साल के बीज और इस्कस को भारत के पादप संगरोध आदेश में शामिल कर लिया गया है। जटामसी-जरा अर्क, सुगंधकोकिलाला बेरी अर्क, सुगंधवल प्रकंद (मोटी जड़) अर्क और तिमूर बेरी अर्क को प्रसंस्कृत वस्तुओं (पौधे उत्पादों) की सूची में शामिल करने का अनुरोध भी स्वीकार कर लिया गया है।
भारतीय पक्ष के अनुरोध पर नेपाली पक्ष ने अपनी तकनीकी प्रणाली में ईपीएक्यू और पॉलीहाइड 28 जैसे उत्पादों के पुनर्वर्गीकरण से संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा करने की इच्छा व्यक्त की। भारतीय पक्ष ने नेपाल को दूध निर्यात में आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी दी थी। नेपाली पक्ष ने मोही और पनीर सहित डेयरी उत्पादों के लिए भारतीय पक्ष के अनुरोध पर सकारात्मक रूप से विचार करने पर सहमति व्यक्त की है, जिनका नेपाल में पर्याप्त मात्रा में उत्पादन नहीं होता है।
बैठक में भारत और नेपाल के बीच निर्बाध सीमा पार संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय पहलों का स्वागत किया गया, जिसमें नई एकीकृत जांच चौकियों और रेलवे संपर्कों का निर्माण भी शामिल है। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संपर्क को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की, जो समृद्ध द्विपक्षीय व्यापार के साझा दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है। दोनों पक्षों ने नेपाल और दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र (साफ्टा) के साथ ऑनलाइन सीओए अनुमोदन पर चर्चा करने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति व्यक्त की।
अनधिकृत व्यापार को नियंत्रित करने के लिए व्यापार, पारगमन और सहयोग पर संयुक्त सचिव स्तर की अंतर-सरकारी उप-समिति (आईजीएससी) की बैठक पहले 27-28 पौष 2080 को काठमांडू में आयोजित की गई थी।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और नेपाली वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (एफएनसीसीआई) ने 27 पौष, 2081 को अपनी बैठक के दौरान संयुक्त व्यापार मंच के दूसरे संस्करण का आयोजन किया। इसकी सह-अध्यक्षता इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के निदेशक (पाइपलाइन, योजना और व्यवसाय विकास) श्री एन. सेंथल कुमार और नेपाल के निवेश बोर्ड की सदस्य श्रीमती भवानी राणा। संयुक्त व्यापार मंच ने दोनों पक्षों के व्यापारियों को द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के संदर्भ में व्यापार को और अधिक आसान बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया।
भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार बना हुआ है, जो नेपाली आयात और निर्यात दोनों में महत्वपूर्ण योगदान देता है। आईजीसी में विचार-विमर्श से दोनों देशों के बीच आर्थिक और वाणिज्यिक संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है।

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