भारतीय दूतावास द्वारा 60वां भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटेक) दिवस मनाया गया
काठमांडू, 22 मार्च 025। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा 8 चैत्र 2081 को 60वां भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटेक) दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कई सांसद, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, आईटेक के पूर्व विद्यार्थी एवं भारतीय शैक्षिक संस्थानों से पढ़े प्रतिष्ठित नेपाली पूर्व छात्र उपस्थित रहे। नेपाल की माननीय विदेश मंत्री डॉ. आरजु राणा देउबा ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
आईटेक (भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम) भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की एक प्रमुख क्षमता निर्माण पहल है। यह दुनिया के सबसे पुराने संस्थागत प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक है, जिसकी स्थापना 1964 में हुई थी। अब तक, इसने 160 से अधिक देशों के 2,00,000 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। आईटेक के माध्यम से भारत हर साल 100 से अधिक प्रतिष्ठित संस्थानों में करीब 400 पाठ्यक्रमों के तहत लगभग 10,000 पूर्णतः वित्तपोषित (फुली-फंडेड) प्रशिक्षण अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम के दौरान नेपाल के महान्यायाधिवक्ता श्री रमेश बडाल, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के सहायक संयोजक एवं आईटेक के पूर्व छात्र सहायक रथी श्री पवन खत्री, और सशस्त्र पुलिस बल के सशस्त्र पुलिस उपरीक्षक श्री दयाराम शर्मा ने आईटेक से जुड़े अपने अनुभव एवं विचार साझा किए। इस अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद द्वारा समर्थित प्रसिद्ध कलाकार श्री कुलेश्वर कुमार ठाकुर के नेतृत्व में भारत के सांस्कृतिक दल ‘यज्ञ’ ने प्रसिद्ध मयूरभंज छाऊ नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके अलावा, नेपाल के प्रसिद्ध ‘कांत दब दब बैंड’ द्वारा मंत्रमुग्ध करने वाला वाद्ययंत्र लोक फ्यूजन एवं जैज़ संगीत प्रस्तुत किया गया।
नेपाल की माननीय विदेश मंत्री डॉ. आरजु राणा देउबा ने भारत में अपनी शिक्षा के अनुभव को स्नेहपूर्वक याद किया और शिक्षा एवं विकास के क्षेत्र में भारत सरकार की विभिन्न पहलों के प्रति आभार व्यक्त किया। नेपाल में भारत के राजदूत श्री नवीन श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में आईटेक पहल का और विस्तार करने तथा नेपाल सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुकूलित कार्यक्रम उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वर्ष 2024-2025 में नेपाल के 510 पेशेवरों को भारत के विभिन्न प्रमुख संस्थानों में प्रशिक्षण दिया गया। नेपाल सरकार के 21 इंजीनियरों को आईआईटी रुड़की में जल संसाधन प्रबंधन, जल विज्ञान, और सिंचाई जल प्रबंधन जैसे विषयों पर दो वर्षीय एम.टेक. पाठ्यक्रम में नामांकित किया गया। इसी तरह, वर्ष 2024-2025 में भारत के 10 प्रमुख संस्थानों में डॉक्टरों (50), सरकारी वकीलों (30), नेपाल के राष्ट्रीय न्यायिक प्रतिष्ठान के सदस्यों (15), नेपाल पुलिस (143), सशस्त्र पुलिस बल (80), गृह मंत्रालय (24), और जल आपूर्ति मंत्रालय (40) के लिए 18 विशेष पाठ्यक्रम संचालित किए गए।
भारत और नेपाल निकटतम और मैत्रीपूर्ण पड़ोसी होने के नाते, नेपाल आईटेक पहल का एक सक्रिय भागीदार रहा है। पिछले 15 वर्षों में नेपाल के 3,000 से अधिक अधिकारियों को इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दिया गया है। ये क्षमता निर्माण कार्यक्रम न केवल नेपाल एवं अन्य भागीदार देशों के मानव संसाधन विकास में सहायक हैं, बल्कि उनके अनुभवों से सीखकर क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक विकास में भी योगदान देते हैं।







