बाह्र साल बाद इन्जिनियर दम्पत्ति हत्याकाण्ड के आरोपी गिरफ्तार
काठमांडू ,१५, मार्च । इञ्जिनियर हेमन्त श्रेष्ठ और अंजलि श्रेष्ठ दम्पत्ति हत्या के आरोपी को नेपाल केन्द्रिय अनुसन्धान ब्युरो (सिबिआर्इ) ने गिरफ्तार करके रविवार को सार्वजनिक किया है।
गिरफ्तार होने वालो मे दोलखा जिल्ला खारे गाउ के हाल काठमांडू के सामाखुशी टाउन प्लानिङमे सालसा डान्स बार सञ्चालन करने वाले ३० साल के मनराज गुरुङ और रामेछाप फुलासी निवासी हाल जोरपाटी टाउन प्लानिङ मे एम्पिज क्याफे सञ्चालन करने वाले ३२ साल के प्रमेश चौहान हैं।
बाह्र साल आगे हुवा ये घटना का अ-अलग अनुसन्धान प्रतिवेदन तैयार किया गया है । इस घटना की जांच लम्बे समय तक बंद कर दिया गया था । लेकिन , असोज से ब्यूरो ने ‘अपरेशन साइलेन्स सर्च’नाम देकर पुनः अनुसन्धान सुरु किया था।
आरोपी से पने गुनाह स्वीकार करेन से मना केरने सेभी ,अनुसन्धान मे उनसे हुइ इस घटना घटनेकी पुष्टि होने की बात ब्युरो के प्रमुख प्रहरी नायब महानिरीक्षक हेमन्त मल्लने बताया है ।
उसने आपनी मकान मालिक गीता खड्का की हत्या करने गया था,लेकिन इन्जिनियर दम्पत्ति उपर के फ्ल्याट् मे मिलने के बाद उसने दोनो का मर्डर कर दिया इस बात की जानकारी अनुसन्धान के क्रम मे मिल है।
श्रेष्ठ दम्पत्ति की बेटी पर भी खुकुरी से हमला हुआ था लेकि वह वहाँ से भागकर शौचालय मे छिप कर बचने सफल हुइ थी।
इन्जिनियर दम्पत्ति का मर्डर करने के बाद मे वो दोनो मकान मालिक गिता खड्का का मडर के लिए गया था । लेकिन, उस समय खड्का कमरे के अन्दर से दरबोजा लगाकर चिल्लाया था जिससे आसपास के पडौसी वहाँ जमा हो गये थे, उसके बाद दोनो वहाँ से भाग गया था।
मकान मालिक खड्का के मडर के लिए वे दोनो ने रु दो लाख पैसे लेकर मडर किया था अनुसन्धान से पता चला है। मडर कि लिए पैसे देने बाले बिदेस मे हैं । अनुसन्धान खत्म होने के बाद उसको नेपाल बोलाया जाइगा ब्युरोने जनाया है।
ये दोनो ने इससे पहले २०६० जेठ १७ गते गोलढुङ्गा मे भी म्यानपावर सञ्चालक दिलमाया गिरी के पति को रु छ लाख देकर गिरी का मडर किया था । बाद मे ये दोनो अपनी सजा खत्म होने के बाद जेलसे मुक्त हुआ था अनुसन्धान से पता चला है ।
घटना घट्ने से एक हप्ता पहले रानीवारी स्थित खड्का के मकान पर विद्यार्थी बनकर कमरा खोजने गया था , अभियुक्त ने निचे के फल्याट मे रहने वाली बाली मृतक अञ्जली से बातचित करने का खुलासा अनुसन्धान के क्रम मे पता चला है।

