तिनकुने में हुई घटना आपराधिक मानसिकता से प्रेरित : अध्यक्ष यादव
जनता समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने कहा है कि चैत्र 15 को राजावादियाें के विरोध प्रदर्शन के दौरान तिनकुने में हुई घटना आपराधिक थी। उन्होंने कहा कि यद्यपि लोकतंत्र में सभी को अपनी राय व्यक्त करने और अपनी बात कहने की अनुमति है, लेकिन उस दिन की हिंसक गतिविधियां आपराधिक मानसिकता से प्रेरित थीं।
आज रफत संचार क्लब भक्तपुर द्वारा आयोजित पत्रकार संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राजशाही बहाल करने के नाम पर की गई हत्याएं, आगजनी और तोड़फोड़ ने लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक उड़ाया है और दोषियों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।
35 वर्षों तक सत्ता की बागडोर संभालने वाले राजनीतिक दलों ने जनता को क्या दिया? राजनीतिक दलों के प्रति जनता का गुस्सा क्यों बढ़ रहा है? यादव ने यह भी कहा कि यदि हम अध्ययन और आत्मनिरीक्षण करने में विफल रहे तो देश में बड़ी आपदा आ जाएगी। यादव ने कहा कि एकात्मक सरकार और हिंदू राज्य सहित राजतंत्र की स्थापना की बयानबाजी के बावजूद राजनीतिक दल अभी भी कमजोर हैं, जबकि एकात्मक राज्य प्रणाली को समाप्त करते हुए लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना पहले ही हो चुकी है।
उन्होंने कहा, “राजनीतिक दलों को तुरंत समझ लेना चाहिए कि बांग्लादेश और श्रीलंका में बहुमत वाले राज्य जनता के गुस्से का शिकार हो गए हैं, अन्यथा संसदीय बहुमत नहीं, बल्कि जनता उन्हें सबक सिखाएगी।”
यादव ने कहा कि बिचौलियों, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरों के कुप्रबंधन के कारण नेपाल सरकार के प्रति लोगों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक दल समय रहते सुधारों पर ध्यान नहीं देंगे तो देश में स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि संघीय सरकार ने स्वयं संघवाद के कार्यान्वयन में बाधा उत्पन्न की है तथा प्रांतों को दी गई शक्तियों को सीमित किया है। उन्होंने उन पर पुलिस समायोजन अधिनियम तथा कर्मचारी समायोजन अधिनियम सहित विभिन्न मुद्दों को उलझाकर कार्य को असंभव बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी वन विधेयक का विरोध करती है, क्योंकि यह भू-माफियाओं और रियल एस्टेट व्यापारियों को लाभ पहुंचाकर वनों की कटाई का एक साधन होगा, और चूंकि विधेयक को रोक दिया गया है, इसलिए वे अन्य विधेयकों का समर्थन करेंगे।


