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मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय से विभिन्न योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें जब्त

 

जनकपुरधाम, 19 चैत्र

अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग   ने मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय से विभिन्न योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें जब्त कर ली हैं। आयोग ने बताया है कि स्वच्छता अभियान, सॉफ्टवेयर खरीद और सुरक्षा उपकरण खरीद से संबंधित फाइलों को कब्जे में ले लिया गया है।

अख्तियार के बर्दिवास स्थित टीम ने तीनों योजनाओं की विभिन्न फाइलों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। ये योजनाएं तत्कालीन मुख्यमंत्री लालबाबू राउत के कार्यकाल में क्रियान्वित की गयीं। यह पुष्टि हो चुकी है कि आयोग ने तीन महीने पहले प्राधिकरण के समक्ष दायर की गई शिकायत की जांच के बाद फाइलों को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

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वित्तीय वर्ष 2077/078 में मधेश प्रदेश सरकार के निजामती पीआइएस सिस्टम  , ऑफिस ऑटोमेशन सिस्टम और गुड्स ऑटोमेशन सिस्टम जैसे सॉफ्टवेयर खरीदे गए। यद्यपि यह सॉफ्टवेयर एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खरीदा गया था, लेकिन इसे अभी तक प्रयोग में नहीं लाया गया है। एक कर्मचारी के अनुसार, सॉफ्टवेयर को बिना पंजीकृत किए ही स्टोर में रखा गया है।

इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2075/076 से 2077/078 तक मुख्यमंत्री स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। हालांकि, कार्यक्रम के भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री राउत ने इसे बदनामी से बचाने के लिए भौतिक अवसंरचना मंत्रालय में एकीकृत कर दिया था। प्राधिकरण ने स्वच्छता अभियान से संबंधित सभी फाइलों को भी अपने नियंत्रण में ले लिया है।

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अख्तियार पिछले पांच दिनों से मधेश मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ नियमित संपर्क में थी और फाइलों की खोज कर रही थी। आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, इन फाइलों की जांच पूरी होने के बाद यदि भ्रष्टाचार के कोई संकेत मिले तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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