आतंक के गढ़ पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने छेड़ा निर्णायक युद्ध, दुनिया कर रही समर्थन

नई दिल्ली, 10 मई 2025:
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। दशकों से पाकिस्तान, जो खुद को एक “राष्ट्र” कहता है, असल में आतंकवाद का एक संगठित अड्डा बन चुका है। भारत सरकार ने अब इस सच्चाई को दुनिया के सामने न सिर्फ उजागर किया है, बल्कि इसके खिलाफ निर्णायक कदम भी उठाना शुरू कर दिया है।
पाकिस्तान: एक देश नहीं, आतंक का कारखाना
आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों को पाकिस्तान की जमीन पर खुली छूट मिली हुई है। ये समूह भारत में मासूम नागरिकों और जवानों पर हमले करते रहे हैं — पुलवामा, उरी और पठानकोट जैसे घातक हमलों को कोई नहीं भूला सकता।
भारत की नीति: ‘अब नहीं सहेंगे’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने आतंक के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। हाल ही में भारतीय सेना ने POK (पाक अधिकृत कश्मीर) में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल और एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दर्जनों आतंकी शिविर तबाह किए गए और सैकड़ों आतंकवादियों का सफाया किया गया।
दुनिया का समर्थन
भारत के इस रुख को अमेरिका, फ्रांस, जापान, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का समर्थन मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ठोस सबूत पेश किए हैं कि कैसे ISI और पाकिस्तान की सेना आतंकी संगठनों को फंडिंग और ट्रेनिंग देती है।
जनता का समर्थन और राष्ट्रभक्ति की लहर
भारत की जनता इस निर्णय के साथ मजबूती से खड़ी है। सोशल मीडिया पर #IndiaFightsTerror ट्रेंड कर रहा है, और देशभर में लोगों में गुस्सा और गर्व दोनों की भावना देखी जा रही है।
निष्कर्ष:
अब वक्त आ गया है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म किया जाए और पाकिस्तान जैसे आतंकी संरक्षकों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग कर दिया जाए। भारत न सिर्फ अपने नागरिकों की रक्षा करेगा, बल्कि आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए विश्व नेतृत्व को भी मजबूती से प्रेरित करेगा।