यूनुस अंसारी ने बंदी प्रत्यक्षीकरण की मांग करते हुए याचिका दायर की
काठमांडू, असार १ – पुलिस की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) के नियंत्रण में मौजूद यूनुस अंसारी ने बंदी प्रत्यक्षीकरण की मांग करते हुए पाटन उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की है।
नकली नोट प्रकरण में ६ वर्ष की जेल की साजा काटने के बाद जेठ १० गते नख्खु कारागार कार्यालय से वो छुटे थे । लेकिन छुटने के तुरंत बाद उन्हें सीआइबी ने आगे की पुछताछ को लेकर पुनः हिरासत में ले लिया था । उनसे सीआइबी सम्पत्ति शुद्धीकरण के कसूर में अनुसन्धान किया जा रहा है ।
इसी बीच शुक्रवार को अंसारी ने उच्च अदालत पाटन में हिरासत में पूछताछ को लेकर रिट दायर की है । रविवार न्यायाधीश दुर्गा प्रसाईं ढुंगेल के इजलास में सुनवाई है ।
२०७६ साल में यूनुस अन्सारी त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रीय विमान स्थल से ७ करोड़ ६७ लाख ९४ हजार नकली भारतीय रुपयाें के साथ गिरफ्तार किया गया था । अंसारी को कतर से तीन पाकिस्तानी नागरिकों को लाने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया गया था।
इससे पहले भी यूनुस को नकली नोट प्रकरण में ही पकड़ा गया था । उस समय उनपर जेल के भीतर गोली प्रहार किया गया था जिसमें वो घायल हुए थे ।


