भोजपुरी भाषा को ऊंचाई देने वाले वरिष्ठ साहित्यकार डा. अरुणेश नीरन नहीं रहे
भोजपुरी भाषा को ऊंचाई देने वाले वरिष्ठ साहित्यकार डा. अरुणेश नीरन नहीं रहे। वह 80 वर्ष के थे। उन्होंने मंगलवार की देर रात करीब 10.15 बजे गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह काफी दिनों से मधुमेह से पीड़ित थे। उनके निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
शहर के देवरिया खास मोहल्ले के रहने वाले डा.नीरन ने भोजपुरी भाषा को विश्व मंच पर प्रखरता से प्रतिष्ठापित करने में योगदान दिया। उन्होंने दर्जनों पुस्तकों की रचना की। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी सम्मेलनों में किसी न किसी रूप में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहे।
वह विश्व भोजपुरी सम्मेलन के राष्ट्रीय महासचिव (1995-2004), विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अंतरराष्ट्रीय महासचिव (2004-09), विश्व भोजपुरी सम्मेलन के मारीशस में आयोजित चौथे विश्व भोजपुरी सम्मेलन में सोलह देशों ने वर्ष 2014 तक के लिए पुनः अंतरराष्ट्रीय महासचिव के रूप में निर्वाचित हुए।वह बुद्ध पीजी कालेज कुशीनगर के प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए थे ।

