Tue. Sep 22nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नकली दफ्तर और बॉस, असली पैसा: चीन में ‘फेक जॉब’ का नया ट्रेंड

 

काठमांडू, ९ अगस्त ०२५ । चीन में एक अजीब लेकिन बढ़ता चलन सामने आया है — युवा पैसे देकर नकली दफ्तरों में काम करने का नाटक कर रहे हैं। देश की सुस्त अर्थव्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी ने इस चलन को लोकप्रिय बना दिया है। कई युवाओं का कहना है कि घर पर खाली बैठने से अच्छा है कि वे पैसे देकर दफ्तर जाएं, ताकि खुद को व्यस्त और उपयोगी महसूस कर सकें।

डोंगगुआन की 30 वर्षीय शुई झोउ रोज़ाना 30 युआन (करीब 4 अमेरिकी डॉलर) देकर एक नकली दफ्तर जाती हैं, जहां पांच ‘सहकर्मियों’ के साथ काम करने का नाटक करती हैं। “मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं किसी टीम का हिस्सा हूं,” वह कहती हैं। इन दफ्तरों में बाकायदा कंप्यूटर, इंटरनेट, मीटिंग रूम, और चाय-कॉफी की सुविधा होती है। कुछ जगह खाने-पीने का भी इंतज़ाम होता है।

यह भी पढें   धनुषा जिला के गोरदाहा सेएक 13 लाख 65 हजार नेपाली नोट के साथ भारतीय नागरिक गिरफ्तार

ऐसे नकली दफ्तर शेनझेन, शंघाई, नानजिंग, वुहान और चेंगदू जैसे शहरों में तेजी से फैल रहे हैं। चीन में युवाओं की बेरोजगारी दर 14% से ऊपर है, और इस साल रिकॉर्ड 1.22 करोड़ नए स्नातक नौकरी की तलाश में बाज़ार में उतर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और नौकरी बाज़ार के बीच तालमेल की कमी और आर्थिक चुनौतियां युवाओं को ऐसे विकल्प अपनाने के लिए मजबूर कर रही हैं।

शुई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘श्याओहोंगशू’ के जरिए इस दफ्तर के बारे में जाना। वह रोज़ सुबह 8-9 बजे पहुंचती हैं और कभी-कभी रात 11 बजे तक रहती हैं। “यहां के लोग मेरे दोस्त बन गए हैं। हम बातें करते हैं, मज़ाक करते हैं, साथ में खाना खाते हैं,” वह बताती हैं। उनके मुताबिक, इससे उन्हें सामाजिक दबाव और आत्मसम्मान की कमी से राहत मिलती है, साथ ही नेटवर्किंग के अवसर भी मिलते हैं।

यह भी पढें   जसपा नेपाल असोज 3 (संविधान दिवस) को ‘विरोध दिवस’ के रूप में मनाएगा

23 वर्षीय शियाओवेन तांग ने शंघाई में एक महीने के लिए नकली दफ्तर किराए पर लिया। उनके विश्वविद्यालय की शर्त थी कि स्नातक के एक साल के भीतर नौकरी या इंटर्नशिप का प्रमाण दें, वरना डिप्लोमा रोक दिया जाएगा। उन्होंने इस नकली दफ्तर की तस्वीरें भेजकर डिप्लोमा बचा लिया। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन उपन्यास लिखकर थोड़ी कमाई भी की।

डोंगगुआन के एक नकली दफ्तर के संचालक ‘फेयु’ (काल्पनिक नाम) बताते हैं कि उनके 40% ग्राहक हाल ही में स्नातक हुए युवा हैं, जो इंटर्नशिप प्रमाण के लिए आते हैं, जबकि 60% में फ्रीलांसर, डिजिटल घुमक्कड़, ई-कॉमर्स कर्मचारी और ऑनलाइन लेखक शामिल हैं। औसत उम्र 30 साल है।

यह भी पढें   त्रिपुरेश्वर बस आगजनी कांड की जांच के लिए 7 सदस्यीय समिति गठित

शुई अब इस समय का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कौशल सीखने में कर रही हैं, ताकि नौकरी पाने की संभावना बढ़ सके। फेयु जैसे लोग इन नकली दफ्तरों को सिर्फ अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि प्रेरणा और कौशल विकास का मंच बनाने की सोच रखते हैं।

बीबीसी की इस रिपोर्ट के अनुसार, चीन का यह नया ‘फेक जॉब’ ट्रेंड भले ही अजीब लगे, लेकिन यह वहां के युवाओं की जमीनी हकीकत और बदलती सामाजिक ज़रूरतों को बयां करता है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com