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सरकार को सोशल मीडिया को बंद नहीं, कानून बनाकर आगे बढ़ना चाहिए : नेपाल मीडिया साेसाइटी

 

काठमांडू 8 सितम्बर

नेपाल मीडिया सोसाइटी ने ज़ोर देकर कहा है कि सरकार को सोशल मीडिया को विनियमित करने के लिए कानून बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। सोसाइटी के अध्यक्ष मदन लम्साल ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि 26 अपंजीकृत सोशल मीडिया नेटवर्क को निष्क्रिय करने का सरकार का फ़ैसला जल्दबाज़ी में लिया गया है, जिससे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं।

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बयान में कहा गया है, “हालाँकि क़ानूनी नज़रिए से पंजीकरण उचित है, लेकिन व्यावहारिक नज़रिए से, तुरंत निष्क्रिय करने के फ़ैसले ने उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत और व्यावसायिक कार्यों को प्रभावित किया है। सरकार के लिए यह ज़रूरी है कि वह क़ानून बनाकर पारदर्शी और चरणबद्ध विनियमन की दिशा में आगे बढ़े।”

सोसाइटी ने सोशल मीडिया को समाचार, व्यापार, राजनीतिक अभियानों, शिक्षा और समाज सेवा का एक सशक्त माध्यम माना है और चेतावनी दी है कि विनियमन के नाम पर इसे नियंत्रित करने के प्रयास लोकतंत्र के लिए ख़तरनाक होंगे।

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लम्साल ने सुप्रीम कोर्ट के ‘सिर्फ़ क़ानून बनाकर विनियमन’ के आदेश का मुद्दा उठाया, जिससे सरकार के इस कदम पर संदेह पैदा हुआ। उनके अनुसार, हालाँकि सरकार ने कर लगाकर कंपनियों की मौजूदगी को स्वीकार कर लिया है, लेकिन उसने पूरी कानूनी प्रक्रिया को स्पष्ट नहीं किया है, जिससे आपराधिक जाँच और डेटा सुरक्षा में समस्याएँ पैदा हो रही हैं।

एम्बार्क कॉलेज सोसाइटी ने सरकार से आग्रह किया है कि वह तुरंत एक स्पष्ट और पारदर्शी कानूनी ढाँचा बनाए जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, गोपनीयता, डेटा सुरक्षा, पेशेवर अधिकारों और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया पंजीकरण को अनिवार्य बनाए।

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