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नेपाली कांग्रेस द्वारा जेन-जेड की भावनाओं के अनुरूप संवैधानिक समाधान की मांग

 

काठमांडू, 25 भाद्र 2082 (10 सितंबर 2025): नेपाली कांग्रेस ने हाल के घटनाक्रमों और जेन-जेड (Gen-Z) आंदोलन के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। पार्टी ने जेन-जेड पुस्ता की भावनाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप संवैधानिक और लोकतांत्रिक रास्ते से देश में मौजूदा अस्थिर स्थिति का समाधान निकालने की अपील की है। कांग्रेस के महामंत्रियों गगन थापा और विश्वप्रकाश शर्मा द्वारा हस्ताक्षरित इस विज्ञप्ति में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया गया है।

मुख्य बिंदु:
1. जेन-जेड आंदोलन और राष्ट्रपति की पहल का स्वागत**
नेपाली कांग्रेस ने जेन-जेड आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले युवाओं के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। पार्टी ने राष्ट्रपति द्वारा वार्ता और संवाद के जरिए समाधान खोजने की पहल का स्वागत किया है। कांग्रेस ने सभी पक्षों से परामर्श के साथ संवाद के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की है।

2. संवैधानिक और लोकतांत्रिक रास्ते पर जोर**
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जेन-जेड की भावनाओं के अनुरूप समाधान खोजा जाना चाहिए, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह से संवैधानिक और वैधानिक होनी चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि विधि-विहीनता से अराजकता बढ़ सकती है। पार्टी ने राष्ट्रपति और जेन-जेड पक्ष से अपील की है कि नई राजनीतिक संरचना बनाते समय लंबे समय तक संवैधानिक शून्यता न आए और लोकतांत्रिक रास्ते से ही समाधान निकाला जाए। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया में अपना समर्थन देने का वादा किया है।

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3. हिंसा और तोड़फोड़ की निंदा**
कांग्रेस ने हाल के प्रदर्शनों के दौरान सरकारी कार्यालयों, मीडिया हाउस, और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हुई आगजनी को अत्यंत दुखद और निंदनीय बताया। पार्टी का मानना है कि यह तोड़फोड़ जेन-जेड आंदोलन की मूल भावना और मांगों से परे है। कांग्रेस ने दावा किया कि कुछ स्वार्थी समूहों ने आंदोलन में घुसपैठ कर योजनाबद्ध तरीके से हिंसा और आगजनी को अंजाम दिया। पार्टी ने इसकी कठोर निंदा की और सरकार से इसकी गहन जांच व पुनर्निर्माण की योजना बनाने की मांग की।

4. प्रधानमंत्री की देरी पर चिंता**
कांग्रेस ने कहा कि सामाजिक सञ्जाल खोलने और इस्तीफा देने की मांग को स्वीकार करने में प्रधानमंत्री की देरी के कारण स्थिति और बिगड़ गई। पार्टी ने माना कि नेतृत्व ने स्थिति का सही आकलन नहीं किया, जिसके परिणामस्वरूप मानवीय क्षति हुई।

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5. पुलिस की अत्यधिक बल प्रयोग की जांच की मांग**
सोमवार (23 भाद्र) को प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग को कांग्रेस ने गंभीर अपराध बताया और इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की। पार्टी ने दोषियों को कानूनी दायरे में लाने की बात कही।

6. आत्ममंथन और पुनर्निर्माण का वादा**
कांग्रेस ने स्वीकार किया कि सत्ता में रहते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में कमी रही और भ्रष्टाचार को रोकने में नाकामी हुई। पार्टी ने अपनी कमियों पर आत्ममंथन करने और जेन-जेड की आकांक्षाओं के अनुरूप खुद को पुनर्निर्माण करने की प्रतिबद्धता जताई। कांग्रेस ने कहा कि वह अब जनता की अपेक्षाओं और नई पीढ़ी की भावनाओं के अनुरूप जिम्मेदार राजनीति करेगी।

7. लोकतंत्र और संविधान की रक्षा**
पार्टी ने जोर देकर कहा कि 2072 के संविधान से पीछे हटना स्वीकार्य नहीं होगा। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि उपलब्धियों को उलटने से भविष्य में और आंदोलन या विद्रोह की स्थिति बन सकती है। पार्टी ने संवैधानिक उपलब्धियों को संरक्षित करने और अग्रगमन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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8. नेताओं पर हमले की निंदा**
कांग्रेस अध्यक्ष शेरबहादुर देउवा सहित अन्य नेताओं पर हुए हमलों को पार्टी ने दुखद और निंदनीय बताया। पार्टी ने ऐसी घटनाओं की कड़ी भर्त्सना की।

9. संयम और एकता की अपील**
अंत में, कांग्रेस ने देश और विदेश में रहने वाले सभी नेपाली नागरिकों से संयम, संवाद और एकता के साथ इस अस्थिर स्थिति से उबरने की अपील की। पार्टी ने ‘सामाजिक एकता और सद्भाव’ को नेपाली समाज की विशेषता बताते हुए इसे और मजबूत करने का आह्वान किया।

निष्कर्ष:
नेपाली कांग्रेस ने इस विज्ञप्ति के माध्यम से जेन-जेड आंदोलन को समर्थन देते हुए संवैधानिक और लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर समाधान की वकालत की है। पार्टी ने हिंसा और तोड़फोड़ की निंदा की, साथ ही अपनी कमियों को स्वीकार करते हुए पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। यह विज्ञप्ति देश में शांति, स्थिरता और संवैधानिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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