एक नेपाली छात्र की अमर कहानी : आख़िरकार लौटी सिर्फ़ देह, नहीं लौटा सपना
विपिन जोशी को श्रद्धांजलि :

काठमांडू, 13 ऑक्टोबर 025 । नेपाल के साहसी पुत्र विपिन जोशी अब हमारे बीच नहीं रहे — लेकिन उनका सपना, उनका संघर्ष और उनकी मासूम मुस्कान हमेशा याद रहेगी। गाज़ा पट्टी में हुए एक इज़रायली हवाई हमले में उनकी मृत्यु की पुष्टि अब हमास संगठन ने आधिकारिक रूप से कर दी है। आज, अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस की देखरेख में उनका पार्थिव शरीर इज़रायल भेजा जा रहा है।
शिक्षा के सपने लेकर विदेश गए, लेकिन जंग में फँस गए
बागलुङ (नेपाल) के रहने वाले विपिन जोशी साल 2023 में उच्च शिक्षा के लिए इज़रायल गए थे। कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत कई नेपाली छात्र वहाँ काम और अध्ययन कर रहे थे। लेकिन 7 अक्टूबर 2023 को जब हमास ने इज़रायल पर हमला किया, उसी दिन से विपिन लापता हो गए।
परिवार ने महीनों तक उनके लौटने की उम्मीद नहीं छोड़ी। हर त्यौहार, हर खबर में उन्हें अपने बेटे की आवाज सुनाई देती थी।
आख़िरकार लौटी सिर्फ़ देह, नहीं लौटा सपना
हमास की सैन्य शाखा अल-क़सम ब्रिगेड ने आज एक विज्ञप्ति जारी करते हुए पुष्टि की — गाज़ा में हुए इज़रायली हवाई हमले में विपिन सहित चार बंधकों की मृत्यु हो चुकी है। अन्य तीन इज़रायली नागरिक हैं — गाई इलोज, योसी शाराबी और डैनियल पेरेट्ज़।
हमास ने बताया कि ये चारों शव अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस के माध्यम से सोमवार को इज़रायल को सौंपे जाएंगे। इज़रायली अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की है।
परिवार का दुःख, राष्ट्र की श्रद्धा
नेपाल में विपिन का परिवार इस खबर से टूट चुका है। एक साल से वे उम्मीद कर रहे थे कि शायद किसी दिन विपिन घर लौट आएँगे।
आज वह उम्मीद बुझ गई है — लेकिन विपिन अब उन हजारों युवाओं की पहचान बन गए हैं, जो विदेशों में सपने लेकर जाते हैं और राजनीति व युद्ध की भेंट चढ़ जाते हैं।
“पीड़ादायक लेकिन महत्वपूर्ण”
होस्टेज एंड मिसिंग फ़ोरम ने अपने बयान में कहा —
“यह कदम पीड़ादायक है, लेकिन महत्वपूर्ण भी।
अब परिवारों को अपने प्रियजनों की सच्चाई पता चल जाएगी —
भले ही वह सच्चाई बेहद कठोर क्यों न हो।”
विपिन — एक नाम नहीं, एक प्रतीक
विपिन जोशी केवल एक छात्र नहीं थे, वे संघर्ष और उम्मीद के प्रतीक थे।
उनका सपना अब अधूरा रह गया है, लेकिन उनकी कहानी अनगिनत युवाओं को प्रेरित करती रहेगी।
शांत हो जाओ विपिन,
तुम्हारा जीवन व्यर्थ नहीं गया।
अब तुम्हारी याद उन आँखों में बसेगी,
जो सपनों के लिए लड़ना नहीं छोड़तीं। 🕊️
✍️ श्रद्धांजलि लेख : हिमालिनी परिवार

