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निर्वाचन के महायज्ञ को सफल बनाकर इतिहास रचिए : राष्ट्रपति पौडेल का युवाओं से आग्रह

 

काठमांडू,असोज ३०, २०८२ । राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने आगामी फागुन २१ गते (५ मार्च २०२६) को होने वाले निर्वाचन को “महायज्ञ” बताते हुए युवाओं, विशेष रूप से जेन-जी अभियानकर्ताओं से इतिहास रचने का आह्वान किया है।

राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में बिहीबार आयोजित विशेष बैठक में राष्ट्रपति पौडेल ने अंतरिम सरकार के पदाधिकारियों तथा जेन-जी आन्दोलन के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि यह चुनाव देश को “भ्रष्टाचार, नातावाद और कृपावाद” से मुक्ति दिलाने का अवसर है।

उनके अनुसार,

“इस चुनाव में युवाओं को आगे आकर अच्छे प्रतिनिधि चुनने होंगे ताकि भ्रष्ट और बेईमान लोग जीत न सकें। जब ईमानदार और जिम्मेदार नेता चुनकर आएंगे, तभी देश न्याय और सुशासन की राह पर आगे बढ़ेगा और युवाओं को विदेश पलायन की बाध्यता खत्म होगी।”

राष्ट्रपति के प्रेस सलाहकार किरण पोखरेल ने जानकारी दी कि पौडेल ने युवाओं द्वारा चलाए गए आंदोलन को “देश को बदलने की वास्तविक प्रेरणा” बताया और कहा कि चुनाव इसी जनभावना को मूर्त रूप देने का माध्यम है।

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संविधान की भावना और राष्ट्रपति की भूमिका

राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि यद्यपि संसदीय प्रणाली में राष्ट्रपति कार्यकारी प्रमुख नहीं हैं, फिर भी उन्होंने युवाओं के आन्दोलन का सम्मान करते हुए अपनी उपस्थिति में सरकार और जेन-जी प्रतिनिधियों को एकसाथ बुलाया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध युवाओं की मुहिम ही इस अंतरिम सरकार की स्थापना का आधार बनी है।

“यह सरकार संविधान में दिए गए ‘राष्ट्रीय एकता प्रवर्द्धन’ के अधिकार के तहत बनी है, जो युवाओं के संघर्ष की उपलब्धि के रूप में देखा जाना चाहिए,” पौडेल ने कहा।

उन्होंने युवाओं को चेताया कि उनके आन्दोलन की लोकप्रियता का उपयोग कर “अपना स्वार्थ सिद्ध करने वाले तत्वों” से सावधान रहें।

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प्रधानमन्त्री कार्की ने की प्रशंसा

अंतरिम प्रधानमन्त्री सुशीला कार्की ने राष्ट्रपति पौडेल के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि

“वृद्धावस्था में भी उन्होंने देश की विषम परिस्थिति को संभालने के लिए जो अथक प्रयास किया है, वह अद्वितीय है। युवाओं के प्रति उनका यह आह्वान भावनात्मक और प्रेरक दोनों है।”

कार्की ने कहा कि राष्ट्रपति पौडेल बचपन से ही जनता और देश के लिए संघर्षरत रहे हैं, इसलिए उनका वक्तव्य “अन्तःकरण की सच्ची आवाज़” के समान है।

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युवाओं की प्रतिबद्धता

बैठक में जेन-जी आन्दोलन के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका संघर्ष संविधान, लोकतंत्र, संघीयता या समावेशिता के खिलाफ नहीं, बल्कि कुशासन और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सामाजिक–आर्थिक न्याय के लिए है।

बैठक में प्रधानमन्त्री कार्की सहित सभी मन्त्री उपस्थित थे।
प्रतिनिधि दल में मदन कार्की, मोनिका निरौला, भोजविक्रम थापा, शिव यादव, उर्पाजुन चाम्लिङ, निकुन्ज भण्डारी, रिजन राना, बब्लु गुप्ता, ओजवीरराज थापा, पुरुषोत्तम यादव, आदित्य आचार्य, खेमराज साउद, अप्सना बानु, प्रदीप पाण्डे, गुन्जन शाह ठकुरी और धीरज जोशी शामिल थे।

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