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मधेश प्रदेश के मुख्यमन्त्री की नियुक्ति असंवैधानिक ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश

 
जितेंद्र सोनल सर्वोच्च के निर्णय का स्वागत करते हुये

काठमांडू, कार्तिक २५, २०८२, हिमालिनी संवाददाता ।
नेपाल के सर्वोच्च अदालत ने मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री की नियुक्ति को प्रारंभिक रूप से असंवैधानिक ठहराते हुए अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने वर्तमान स्थिति को यथावत बनाए रखने का निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश टेकप्रसाद ढुंगाना की एकल पीठ ने यह आदेश जारी करते हुए कहा कि होटल में की गई मुख्यमंत्री सरोजकुमार यादव की नियुक्ति प्रक्रिया संविधान के अनुरूप नहीं है, इसलिए फिलहाल उन्हें अपने पद पर कार्य करने से रोका जाता है।

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यह आदेश तब आया है जब मुख्यमंत्री नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे थे, और इस विषय पर अदालत में दायर रिट याचिका में कहा गया था कि इस निर्णय की संवैधानिक वैधता पर गंभीर संदेह है। अदालत ने कहा कि रिट का अंतिम निपटारा होने तक मधेश प्रदेश सरकार द्वारा कोई भी ऐसा निर्णय नहीं लिया जा सकता, जिससे प्रदेश की प्रशासनिक या राजनीतिक स्थिति पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़े।

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इसी बीच, आज ही एमाले को छोड़कर अन्य दलों के ७४ सांसदों ने मधेश प्रदेश सरकार के गठन को असंवैधानिक बताते हुए एक और रिट दायर की है, जिसकी सुनवाई कल के लिए निर्धारित की गई है।

यह मामला मधेश प्रदेश की राजनीतिक स्थिरता और संघीय व्यवस्था की संवैधानिकता से जुड़ा एक अहम मोड़ माना जा रहा है।

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