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संघीय गणतान्त्रिक गठबन्धन “बस” चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव मैदान में

नेसंसपा, बएपा और नेजपा का साझा चुनाव प्रतीक ‘बस’

काठमांडू। दलित, मुस्लिम, निषाद, थारू, मधेशी, आदिवासी जनजाति, महिला तथा अन्य उत्पीड़ित जनसमुदाय को प्राकृतिक राजनीतिक एकता का रूप मानने वाले संघीय गणतान्त्रिक गठबन्धन ने आगामी चुनाव में एकल चुनाव चिन्ह “बस” के साथ सहभागी हुने निर्णय लिया है।

गठबन्धन की ओर से निर्वाचन आयोग में ‘बस’ चुनाव चिन्ह को औपचारिक रूप से दर्ज कराते हुए चुनावी प्रतिस्पर्धा में उतरने की घोषणा की गई।

इस गठबन्धन में पूर्व गृह राज्यमन्त्री तथा संविधानसभा सदस्य मो. रिजवान अन्सारी के नेतृत्व वाली नेपाल संघीय समाजवादी पार्टी, हरिनन्दन अम्बेडकर के नेतृत्व वाली बहुजन एकता पार्टी नेपाल, तथा धुपलाल प्रसाद सहनी निषाद के नेतृत्व वाली नेपाल जनजागृति पार्टी संयुक्त रूप में सम्मिलित हैं। ये दल देशभर एक साझा राजनीतिक संरचना के तहत कार्य करेंगे।

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नेताओं के अनुसार गठबन्धन का मुख्य उद्देश्य नेपाली उत्पीड़ित वर्ग की राज्यसत्ता में सशक्त स्थापना, समानता की चाहना की पूर्ति, सुशासन, देश में ही रोजगार की व्यवस्था, विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक विकृतियों का अंत तथा प्रत्यक्ष निर्वाचित कार्यकारी प्रधानमन्त्री या राष्ट्रपति व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। साथ ही पूर्ण समानुपातिक निर्वाचन प्रणाली तथा सबसे बहिष्कृत, उत्पीड़ित और सामाजिक रूप से पिछड़े समुदायों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय राजनीति में समावेशिता और परिवर्तनकारी भूमिका को मजबूती देना इसका लक्षित उद्देश्य बताया गया है।

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दल दर्ता प्रक्रिया पूरा करते ही गठबन्धन ने स्पष्ट किया कि बहुजन, मुस्लिम, दलित, आदिवासी, मधेसी, निषाद समुदाय तथा श्रमजीवी वर्ग की आवाज को संस्थागत रूप से संसद तक पहुँचाने के लिए वह प्रतिबद्ध है।

गठबन्धन आगामी निर्वाचन से ही देशभर एक संगठित अभियान चलाकर जनता के समक्ष वैकल्पिक, समावेशी और सामाजिक न्याय-केन्द्रित राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करने की तैयारी में है।

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