राज्यकोष का दुरुपयोग
राकेश कुमार शर्मा , नेपालगंज,२१जुलाई |संविधान जैसे राष्ट्र के मूल कानून बनाने वाले नेता और सभासदों ने सर्वोच्च अदालत का फैसला को ठुकरा दिया है । सभासदों ने सर्वोच्च अदालत की फैसला न मानकर, मस्यौदा लेकर जिला जिला में पहुच गयें है । नेता और सभासदों ने सर्वोच्च अदालत के आदेश और फैसला को जब नही मानेगें तो सर्वसाधारण नागरिक युवावर्ग, भी नयन सम्बिधान को मानने को बाध्य नही होगें |
सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश गिरीशचन्द्र लाल ने अधुरा संविधान ने राष्ट्र में द्वन्द्ध लायेगा , पूर्ण रुप में संविधान जारी करना चाहियें कहने के मनसाय से सर्वोच्च अदालत का फैसला किया था ।
क्लियर नही हुआ विषय वस्तु को जनमत संग्रह से क्लियर करना चाहियें था । लेकिन संविधान निर्माण की बाकी काम को वसै ही रखेके संविधान किस्ता बन्दी में जारी करने के लिय नेतागण तैयार हैं ।
०६२/०६३ के जनआन्दोलन में निरकुंश राजतन्त्र हटाने के नाम में नेताओं ने दिल खोलकर अर्बों–खर्बों डलर खाकर जनता का नाम लेकर÷भंजाकर हिन्दु राष्ट्र को हटाकर जर्बजस्ती धर्म निरपेक्षता लाया था ।
नेताओं ने केवल अपना पेट भरने के लियें ऐसा काम किया आज देखा जायें तो अधिक तर जनता हिन्दु राष्ट्र मागती है और जगाह जगाह पर पर्दशन भी करती है उस जगाह पर प्रहरी उन लोगों गिरिफताr करती है ऐसी रवैया है ।
दुसरा संविधान निर्माण के क्रम में जिला जिला में सभासदों ने मस्यौदा लेकर राय और सुझाव संकलन करने की सम्बन्ध में आम नागरिकों के नाम लेकर÷भंजाकर राष्ट्र बेच्ने की निर्णय करेंगे कया ? राष्ट्र और जनता के साथ विश्वासघात और गद्दारी करनेवाले नेता और सभासदों का कोई भरोसा नही है ।
सर्वोच्च अदालत ने रोक लगाते भी १६ (सोह्र) बंूदे सहमति के आधार में जारी करेगें कहकर अधुरा संविधान की अधुरा मस्यौदा लेकर सभासदों ने राज्यकोष ढुकुटी दुरुपयोग करने के लियें अब जिला जिला में पहुच गयें है ।
स्वतन्त्र नेपाली नागरिक
राकेश कुमार शर्मा
साबिक जिला बर्दिया गुलरिया नगरपालिका, ६
हालः– जिला मकवानपुर, हेटौडा
उप–महानगरपालिका– २

