चन्द्रौटा में मधेशी दल का विरोध, मधेश का अलग संविधान बनाने की सभासद अभिषेक की चेतावनी
दिलिप कुमार यादव,कपिलवस्तु, साउन ५ गते | कपिलवस्तु के शिवराज नगरपालिका चन्द्रौटा में आज नेपाल के संविधान २०७२ के मसौदा में सुझाव संकलन के लिए आयोजित कार्यक्रम में मधेशी दलों के प्रतिनिधियों को भीतर नहीं जाने देने पर कड़ा विरोध हुआ है । शिवराज नगरपालिका के हाल के बाहर मधेशी दलों के प्रतिनिधि तथा कार्यकर्ताओं ने नाराबाजी किया था । स्वायत्त मधेश, एक मधेश, एमाले काँग्रेस, माओवादी मुर्दावाद के नारे लगाए गए थे । साथ ही मसौदे को जलाया गया । सुझाव संकलन के लिए पहले जिला के बहादुर गंज को निर्धारित किया गया था किन्तस अचानक सुनियाजित ढंग से उस चन्द्रौटा में परिवर्तित कर दिया गया था जिसके विरोध में मधेशी दलों और प्रहरियों के बीच झड़प हुई जिसमें एक प्रहरी घायल हुआ । इसके बाद वहाँ का माहौल तनावग्रस्त हो गया था । सुरक्षा के लिए हजारों की संख्या में प्रहरी तैनात किए गए थे । आन्दोलन कारियों ने चन्द्रौटा चौक पर टायर जलाकर यातायात ठप्प कर दिया था ।
विरोध कार्यक्रम में संघीय समाजवादी फोरम के सभासद अभिषेक प्रताप शाह , तराइ मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के इकबाल अहमद शाह , सद्भावना पार्टी के नरसिंह चौधरी , जिला नेता शतीस गुप्ता , रविदत्त मिश्र , लगायत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विरोध कार्यक्रम में भाग लिया था । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मधेशी कहा कि जब तक मधेशियों के अधिकार सुनिश्चित नहीं किए जाएँगे तब तक आन्दोलन जारी रहेगा । संघीय समाजवादी फोरम के सभासद अभिषेक प्रताप शाह ने कहा कि आवश्यक होने पर मधेश अपना अलग संविधान भी बना सकता है । मधेश अपना अधिकार लेकर रहेगा । अब खसवादी मानसिकता नहीं चल सकती है । मधेश का बच्चा बच्चा अब अपने अधिकार के लिए मरने को तैयार है ।
चन्द्रौटा में संविधान सभा का मसौदा विरोध कार्यक्रम को संबोधन करने के क्रम में उन्होंने उक्त बातें कही । इसी तरह दूसरे सभासद इकबाल अहमद शाह ने स्वायत्त मधेश एक प्रदेश मधेशी जनता की मांग है और जनता इससे पीछे नहीं हट सकती । सभासद नरसिंह चौधरी ने कहा कि काँग्रेस एमाले और एमाओवादी खस ब्राह्मणवाद मधेश पर लादना चाह रहा है । विरोध कार्यक्रम में संघीय समाजवादी फोरम के सभासद अभिषेक प्रताप शाह , तराइ मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के सभासद इकबाल अहमद शाह , सद्भावना पार्टी के सभासद नरसिंह चौधरी तथा जिला नेता शतीस गुप्ता , रविदत्त मिश्र आदि हजारों कार्यकर्ताओं की सहभागिता थी ।

