चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार १५ करोड़ तक खर्च करता हैः नेता झा

काठमांडू, १६ जनवरी । जनता समाजवादी पार्टी, नेपाल के नेता केशव झा ने कहा है कि जब तक देश में मिश्रित निर्वाचन प्रणाली लागू रहेगी, तब तक चुनावी खर्च को कम करना संभव नहीं है । आज शुक्रवार को निर्वाचन आचारसंहिता से संबंधित निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित एक चर्चा कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही ।
नेता झा ने बताया कि प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार को १५ करोड़ रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है । उनका कहना था कि हर चुनाव के साथ खर्च की सीमा लगातार बढ़ती जा रही है । हालांकि निर्वाचन आयोग ने इस बार निर्वाचन क्षेत्र के आधार पर २९ लाख से ३३ लाख रुपये तक खर्च की सीमा तय की है, लेकिन झा के अनुसार इस सीमा को व्यवहार में लागू कर पाना संभव नहीं है ।
उन्होंने कहा, “निर्वाचन आचारसंहिता बनाते समय उसे बहुत कठिन नहीं बनाना चाहिए । कुछ प्रावधान ऐसे हैं, जिन्हें लागू करना लगभग असंभव है । एक तरफ हम चुनावी खर्च कम करने की बात करते हैं, लेकिन मेरी स्पष्ट मान्यता यह है कि जब तक मिश्रित निर्वाचन प्रणाली बनी रहेगी, तब तक चाहे जितनी कोशिश कर ली जाए, चुनावी खर्च कम नहीं होगा, बल्कि बढ़ता ही जाएगा । इस बार भी २९ लाख से ३३ लाख तक की खर्च सीमा तय की गई है । आप लोग इसे कैसे लागू करेंगे, मुझे नहीं पता । लेकिन जहां जीत सुनिश्चित करनी होती है, वहां ५–१० करोड़ रुपये तक खर्च होते हैं । प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीतने के लिए हर बार १५ करोड़ तक खर्च हो रहा है ।”
नेता झा ने जोर देते हुए कहा कि निर्वाचन आचारसंहिता ऐसी होनी चाहिए, जिसे वास्तव में लागू किया जा सके । उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक कठोर नियम बनाने से उनका प्रभावी कार्यान्वयन संभव नहीं हो पाता ।

