नेपाल में बढ रहे धर्मातरण चिंता का बिषय : भंडारी

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर
नेपाल में बढ रहे हैं धर्मातरण चिंता का बिषय है। नेपाली के पहाड़ी जिलो में चर्च तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में मस्जिद, मदरसा कुकुरमुत्ता की तरह फैल रही है। उपरोक्त बातें सोमवार को गायत्री सेवा सदन में विश्व हिन्दू परिषद नेपाल धर्म रक्षा निधि समर्पण कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि पद से बोलते हुए विश्व हिन्दू परिषद नेपाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुरुषोत्तम भंडारी ने कहीं। आगे उन्होंने कहा कि एक षडयंत्र के तहत विश्व के एक मात्र हिन्दू राष्ट्र नेपाल को समाप्त किया गया।
एन. जी.ओ. के माध्यम से गरीब नेपाली को स्वास्थ्य, शिक्षा के नाम पर धर्मातरण कराया जाता है। इसी बंग्लादेशी तथा रोहिंग्या मुस्लिम भी बड़ी संख्या में अबैध रुप से नेपाल में घुसपैठ कर नेपाल के डेमोग्राफी को चैंज कर रहे हैं जो चिंता का बिषय है। अगर हम नहीं जागे तो नेपाल की स्थिति भी पाकिस्तान, बंगलादेश जैसा हो जाएगा। हाल के दिनों में कुछ कट्टर पंथी मुस्लिम ने नारा लगाया था कि हिन्दू भगाओ, राष्ट्र (नेपाल) बचाओ। लेकिन उस पर कोई कारबाई नहीं हो सकी है।
भंडारी ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद के प्रचार प्रसार के लिए धन की आवश्यकता होती है। इसलिए आप यथासंभव सहयोग करे। उन्होंने कहा कि नेपाल देश ऋषि मुनियों का देश है। जानकी, बुद्ध धरती है। इसके अस्तित्व को बचाना हर हिन्दू का कार्य है। गुरूकुल में सनातन शिक्षा तथा संस्कार मिलता था लेकिन गुरूकुल समाप्त हो गया है।
विश्व हिन्दू परिषद के संगठन सचिव प्रहलाद रेग्मी ने कहा कि आज नेपाल में 20 हजार चर्च में 60 हजार इसाई प्रचारक है लेकिन मात्र दस हजार पूर्णकालिक हिन्दू स्वयंसेवक है फिर भी धर्मातरण रोकने में सफल हुए हैं।
संतोष कुमार साह की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद नेपाल के उपाध्यक्ष रघुनाथ साह, नेपाल हिन्दू स्वयं सेवक संघ के संभाग प्रचारक पवन ठाकुर, प्रभु दयाल जालान, मनोहर साह, मधु साह, विमल साह, सुनीता बहन सहित बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता थी।

