Thu. Mar 12th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

संरक्षण परियोजना को का अंतरराष्ट्रीय सम्मान

काठमांडू, फागुन १४, २०८२।
नेपाल की सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। ललितपुर स्थित ऐतिहासिक जेष्ठ वर्ण महाविहार संरक्षण परियोजना को यूनेस्को द्वारा घोषित सन् 2025 के एशिया-प्रशांत सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण पुरस्कार के अंतर्गत “अवार्ड ऑफ मेरिट” से सम्मानित किया गया है। फरवरी 2026 में सार्वजनिक परिणाम के अनुसार इस परियोजना को संरक्षण उत्कृष्टता तथा दीर्घकालीन एवं सतत दृष्टिकोण के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

भूकंप के बाद पुनर्निर्माण की पहल

यह परियोजना अगस्त 2017 में ललितपुर जिले में कार्यान्वयन हेतु चयनित सात परियोजनाओं में से एक थी। इसे नेपाल के सांस्कृतिक विरासत क्षेत्र में 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद पुनर्निर्माण के लिए भारत सरकार की अनुदान सहायता के अंतर्गत शामिल किया गया था।

यह भी पढें   बालेन ने दी नारी दिवस की शुभकामनाए, साझा की तस्वीरें

परियोजना का कार्यान्वयन नेपाल सरकार के अधीन केन्द्रीय आयोजना कार्यान्वयन इकाई (भवन तथा आवास) द्वारा किया गया। मार्च 2021 में 13 करोड़ 78 लाख नेपाली रुपये की लागत पर ठेका प्रदान किया गया, जिसे एम/एस CM-पचाली जेवी को दिया गया।

तकनीकी निगरानी और प्रबंधन

भारत सरकार द्वारा दिसंबर 2019 में (INTACH) को परियोजना प्रबंधन सलाहकार (PMC) नियुक्त किया गया। INTACH ने संरक्षण एवं निर्माण कार्यों की प्रत्यक्ष निगरानी और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे परियोजना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जा सका।

संरक्षण कार्य की प्रमुख विशेषताएँ

परियोजना के अंतर्गत निम्न प्रमुख कार्य संपन्न किए गए—

  • ऐतिहासिक मंदिर और सत्तलों का मूल स्वरूप एवं संरचनात्मक विन्यास के अनुसार पुनर्निर्माण
  • भवनों को भूकंप-प्रतिरोधी तकनीक से सुदृढ़ बनाना
  • ऐतिहासिक काष्ठकला, पत्थर की मूर्तियों और सजावटी कलाकृतियों का संरक्षण
  • मंदिर प्रवेशद्वार के भित्तिचित्रों का पुनर्स्थापन
  • स्थल के उपयोग और अवस्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता प्रणाली तथा वर्षा जल संचयन प्रणाली का उन्नयन
यह भी पढें   जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान 

इन कार्यों के माध्यम से न केवल भौतिक संरचना का पुनर्निर्माण किया गया, बल्कि स्थल की जीवित सांस्कृतिक परंपरा और मौलिक पहचान को भी सुरक्षित रखा गया।

उद्घाटन और महत्व

परियोजना का भौतिक कार्य पूर्ण होने के बाद 22 मार्च 2024 को इसका औपचारिक उद्घाटन नेपाल के तत्कालीन शहरी विकास मंत्री धनबहादुर बुढा और नेपाल के लिए भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता

यूनेस्को का एशिया-प्रशांत सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण पुरस्कार क्षेत्र में उत्कृष्ट संरक्षण कार्यों को सम्मानित करता है। जेष्ठ वर्ण महाविहार परियोजना को “अवार्ड ऑफ मेरिट” मिलना न केवल नेपाल के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह नेपाल-भारत सहयोग तथा भूकंप पश्चात पुनर्निर्माण प्रयासों की सफलता का भी प्रतीक है।

यह भी पढें   ईरानी हमले में यूएई में १५ नेपाली घायल

यह सम्मान दर्शाता है कि पारंपरिक वास्तुकला, ऐतिहासिक कला और आधुनिक संरचनात्मक सुरक्षा के संतुलित समन्वय से सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित और जीवंत रखा जा सकता है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *